कोयला परतों से मिथेन निकालने की परियोजना में 2,000 करोड़ रुपये का और निवेश करेगी एस्सार

कोलकाता, निजी क्षेत्र की तेल, गैस खोज और उत्पादन कंपनी एस्सार ऑयल एंड गैस एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन लि. (ईओजीईपीएल) पश्चिम बंगाल के रानीगंज में कोयले की परतों में पाई जाने वाली मिथेन गैस (सीबीएम) परियोजना में अगले डेढ़ से दो साल में 2,000 करोड़ रुपये का और निवेश करेगी।

             कंपनी इससे पहले रानीगंज ब्लॉक में 5,000 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है। इसके तहत कंपनी ने 350 कुओं की खुदाई की और वह प्रतिदिन नौ लाख घन मीटर गैस का उत्पादन कर रही है।

             ईओजीईपीएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पंकज कालरा ने पीटीआई-भाषा से कहा कि 200 और कुओं की खुदाई के लिये अगले डेढ़ से दो साल में 2,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा।

             उन्होंने कहा, ‘‘हम मौजूदा कुओं से उत्पादन नौ लाख घन मीटर प्रतिदिन से 13 लाख घन मीटर प्रतिदिन करने के लिये अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहे हैं। इसके अगले कुछ महीनों में पूरा हो जाने की उम्मीद है।’’

             कालरा ने कहा कि अतिरिक्त कुओं से उत्पादन शुरू होने के साथ रानीगंज से कोयला परतों से मिथेन उत्पादन तीन लाख घन मीटर प्रतिदिन पर पहुंचने का अनुमान है।  उन्होंने कहा कि देश में कोयला खदानों से उत्पादित मिथेन में कंपनी की हिस्सेदारी फिलहाल 35 प्रतिशत है। अतिरिक्त कुओं की खुदाई से हिस्सेदारी बढ़कर 90 प्रतिशत तक हो जाने का अनुमान है।

             कालरा ने यह भी कहा कि इस साल रानीगंज में दो शेल गैस कुओं की भी खुदाई की जाएगी।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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