कोयला, खान और संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि कोयला भारत में ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है, इसलिए मांग 2030-2035 के बीच संभावित चरम पर बनी रहेगी। 2022-23 (अप्रैल, 22 से अक्टूबर, 22) में, कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में कोयले की खपत 12 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 398.2 मिलियन टन की तुलना में बढ़कर 447.6 मिलियन टन हो गई है।
पर्याप्त भंडार के साथ ऊर्जा का एक किफायती स्रोत होने के नाते, कोयला निकट भविष्य में ऊर्जा के प्रमुख स्रोत के रूप में रहने वाला है। देश को स्थिरता के लिए और ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी कोयला आधारित उत्पादन की आधार भार क्षमता की आवश्यकता होगी।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा संसाधनों से लगभग 50 प्रतिशत संचयी विद्युत ऊर्जा स्थापित करने की योजना है।
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