बेंगलुरु, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने कहा कि खाद्य सुरक्षा संबंधी निरीक्षण सभी प्रतिष्ठानों में किया जाएगा और इसमें किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी क्योंकि लोगों का स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है। मंत्री ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के खाद्य सुरक्षा प्रभाग के अधिकारियों द्वारा शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में की जा रही जांच के बीच यह टिप्पणी की।
खादर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम 2011 के प्रावधानों के अनुपालन की पुष्टि के लिए यह जांच की जा रही है। खादर ने यहां संवाददाताओं से कहा ‘‘चाहे पांच सितारा होटल हो इंदिरा कैंटीन हो आरोग्य सौध हो विधान सौध हो या कोई अन्य स्थान। हमारे लिए स्थान महत्वपूर्ण नहीं है। लोगों का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है।’’
मंत्री ने कहा कि विभाग प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करेगा खामियां बताएगा और उन्हें दूर करने के लिए कदम उठाने को कहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य किसी को निशाना बनाना नहीं है।
खादर ने कहा ‘‘हम किसी के खिलाफ नहीं हैं। हम चाहते हैं कि वे खामियों को दूर करें। उन्हें अपनी सोच बदलनी चाहिए। उन्हें स्वास्थ्य के लिए लाभदायक भोजन देना चाहिए और लोगों का सहयोग करना चाहिए।’’मंत्री ने भोजन के भंडारण और उसे तैयार करने के तरीकों के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा ‘‘लोगों को यह भी पता होना चाहिए कि बाहर से जो कुछ दिखाई देता है जरूरी नहीं कि वह सब ठीक ही हो। बहुराष्ट्रीय कंपनियां ‘बन’ को 10-15 दिन तक रखकर ग्राहकों को देती हैं। सोचिए उन्हें सुरक्षित रखने के लिए उनमें किस तरह के परिरक्षक पदार्थ (प्रिजर्वेटिव) डाले गए होंगे।’’
खादर ने कहा कि नियमों के तहत प्रतिष्ठानों को खाद्य पदार्थों को निश्चित अवधि तक भंडार करके रखने की अनुमति हो सकती है लेकिन उपभोक्ताओं को यह जानकारी होनी चाहिए कि भोजन किस तरह और कितने समय से रखा है।
उन्होंने कहा ‘‘नियमों के तहत उन्हें इसकी अनुमति हो सकती है लेकिन लोगों को यह पता होना चाहिए कि कोई खाद्य पदार्थ एक महीने से फ्रिज में रखा था और अब बच्चे उसे खा रहे हैं। लोगों को इसके बारे में जागरूक करना मेरी जिम्मेदारी है। इसके बाद उसे खाना है या नहीं यह तय करना उनका अधिकार है।’’
हाल में बेंगलुरु शहरी जिले के 60 तीन सितारा और पांच सितारा होटलों की जांच की गई तथा खाद्य पदार्थों के 77 नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए। अधिकारियों के अनुसार हाल में एक महंगे ‘रूफटॉप लाउंज’ की रसोई को भी कथित तौर पर अस्वच्छ स्थिति में पाए जाने के बाद बंद कर दिया गया था।
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