गुजरात उच्च न्यायालय ने पेसा अधिनियम लागू करने संबंधी विधायक की याचिका खारिज की

अहमदाबाद, गुजरात उच्च न्यायालय ने भारतीय ट्रायबल पार्टी (बीटीपी) के विधायक की ओर से दाखिल उस जनहित याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करने से इनकार कर दिया जिसमें राज्य में पेसा अधिनियम को लागू करने का निर्देश देने संबंधी अनुरोध किया गया था।

भरूच जिले के जागड़िया से बीटीपी विधायक छोटू वसावा की ओर से दाखिल जनहित याचिका में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम को राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में लागू करने का अनुरोध किया गया है।

मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार एवं न्यायमूर्ति आशुतोष शास्त्री की पीठ ने याचिका को वापस ली गई, के तौर पर खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता जन प्रतिनिधि है और इस नाते उसे राज्य विधानसभा में यह मामला उठाना चाहिए।

अदालत ने कहा, ‘‘ जाइए और इसे विधानसभा में उठाइए। हम रिट याचिका को स्वीकार नहीं करेंगे। आपको जनप्रतिनिधि के नाते यह करना चाहिए। आपने क्या प्रश्न पूछा है, क्या यह तारांकित प्रश्न है अथवा अतारांकित और किस विधानसभा में?’’

अदालत ने कहा कि जनहित याचिका के पीछे मंशा अच्छी हो सकती है,लेकिन इसका वक्त तरीका सही नहीं है।

विधायक के वकील जुबिन भरदा ने अदालत में अपनी दलील में कहा कि गुजरात की शक्तियां ग्राम सभाओं के बजाए तालुका और पंचायतों में निहित हैं।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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