तेलंगाना में छोटे-मोटे वारदात को अपराध की श्रेणी से हटाने के लिए विधेयक पारित

हैदराबाद, तेलंगाना विधानसभा ने शनिवार को व्यापार सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) में सुधार और छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के उद्देश्य से एक विधेयक पारित किया। यह विधेयक केंद्र के जन विश्वास अधिनियम की तर्ज पर लाया गया है।

राज्य के विधायी मामलों एवं उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि तेलंगाना प्रजा विश्वासम (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक 2026 का मसौदा केंद्रीय कानून के अनुरूप तैयार किया गया है। केंद्रीय कानून के तहत 180 से अधिक छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया और उनकी जगह आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया।

उन्होंने कहा कि विधेयक के उद्देश्यों में कुछ अपराधों में समझौते की गुंजाइश उपलब्ध कराना भी शामिल है ताकि कानूनी विवादों को कम किया जा सके। इसके अलावा इसका उद्देश्य पारदर्शिता और नियामकीय दक्षता में सुधार करना तथा पुराने और अनावश्यक कानूनों को समाप्त करना है।

चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न अन्य विभागों के साथ विचार-विमर्श किया और कारोबार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए ऐसे 400 से अधिक अपराधों की पहचान की जिन्हें अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग कानून के नियमों और विनियमों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए प्रयास करेगा।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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