ग्रीनपीस प्रमुख ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता में प्रदूषण का बचाव किये जाने की कोशिशों के प्रति आगाह किया

बर्लिन, पर्यावरण समूह ग्रीनपीस की प्रमुख ने बृहस्पतिवार को आगामी संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता में देशों और निगमों द्वारा अपने-अपने प्रदूषण का बचाव किये जाने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी।

ब्रिटेन की मेजबानी में ग्लासगो में यह सम्मेलन होने वाला है। इसे ‘ग्लोबल वार्मिंग’ को खतरनाक स्तर पर पहुंचने से रोकने के लिए विश्व के अंतिम सर्वश्रेष्ठ अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि, जलवायु कार्यकर्ताओं ने कहा है कि सम्मेलन से पहले पर्दे के पीछे लॉबिंग शुरू हो गई है, जो एक महत्वाकांक्षी समझौते तक पहुंचने की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकती है।

दरअसल, यह समझौता 2015 के पेरिस समझौते के अनुरूप ग्लोबल वार्मिंग की सीमा को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने को सुनिश्चित करेगा।

ग्रीनपीस इंटरनेशनल की कार्यकारी निदेशक जेनिफर मोर्गन ने कहा, ‘‘यह ग्लासगो सम्मेलन सचमुच में एक अहम क्षण है जहां सरकारों को साहसी होने की जरूरत है।’’

उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग पर संयुक्त राष्ट्र विज्ञान समिति की एक हालिया रिपोर्ट की विषय वस्तु में कुछ देशों द्वारा कथित तौर पर बदलाव किये जाने का जिक्र किया।

मोर्गन ने कहा कि पर्दे के पीछे इस तरह की कोशिशें की जा रही हैं और जलवायु संकट का हल करने की दिशा में सभी कोशिशों को कुछ देश रोकने जा रहे हैं।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Getty Images

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