कोलकाता/ नयी दिल्ली चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ के और तीव्र होने तथा इसके रविवार आधी रात तक बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटों पर दस्तक देने की संभावना के मद्देनजर बंगाल के संवेदनशील क्षेत्रों से एक लाख से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है।
बंगाल के तटीय इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि तेज गति वाली हवाओं के साथ बढ़ रहे चक्रवात के कारण राज्य के कई हिस्सों में पहले से ही बारिश हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के बुलेटिन के अनुसार ‘रेमल’ शाम छह बजे सागर द्वीप से 160 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित था। अधिकारियों ने कहा कि चक्रवाती तूफान की गति 100-110 किमी प्रति घंटा है जो 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके रविवार आधी रात तक पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप समूह और बांग्लादेश के मोंगला बंदरगाह के पास खेपुपारा के बीच तट पर दस्तक देने की संभावना है।
अपराह्न तीन बजे तक पश्चिम बंगाल सरकार ने तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों से लगभग 1.10 लाख लोगों को निकाल लिया था और उन्हें आश्रय गृहों स्कूलों और कॉलेजों जैसे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ से निपटने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की।
राज्य मंत्री अखिल गिरी ने कहा ‘‘पूर्व में चक्रवात अम्फान और चक्रवात यास से निपटने में हमारे अनुभव का अच्छा उपयोग किया जाएगा।’’ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस ने कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं और चक्रवात से निपटने को लेकर समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए राज्य और केंद्रीय विशेषज्ञों के साथ लगातार संपर्क में हैं। बोस ने बंगाल के तटीय क्षेत्रों में निवासियों के लिए सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया और उनसे चक्रवात के मद्देनजर मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन करने का आग्रह किया। चक्रवात के कारण पहले ही दीघा काकद्वीप और जयनगर जैसे इलाकों में हल्की बारिश के साथ हवाएं चल रही हैं जिसके सोमवार को और तेज होने की संभावना है।
कोलकाता में मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वी क्षेत्र के प्रमुख सोमनाथ दत्ता ने कहा कि दक्षिण बंगाल के कई जिलों में रविवार शाम से 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जिससे कोलकाता हावड़ा हुगली और पूर्व मेदिनीपुर प्रभावित होंगे। दत्ता ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान चेतावनी दी कि रविवार शाम से सोमवार सुबह तक पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में हवा की गति 100-120 किमी प्रति घंटा से लेकर 135 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
दत्ता ने कहा ‘‘रेमल नुकसान पहुंचाएगा लेकिन इसके 2020 में आए चक्रवात ‘अम्फान’ के मुकाबले कम विनाशकारी रहने की संभावना है।’’ मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण और उत्तर 24 परगना जिलों में बाढ़ और कमजोर इमारतों बिजली और संचार की लाइन कच्ची सड़कों फसलों और बगीचों को बड़ी क्षति पहुंचने की चेतावनी दी है। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को घर के अंदर रहने और कमजोर इमारतों से दूर रहने की सलाह दी गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 14 टीम को कोलकाता उत्तर और दक्षिण 24 परगना पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर हावड़ा और हुगली सहित दक्षिण बंगाल के जिलों में तैनात किया गया है। चक्रवात को देखते हुए पूर्वी और दक्षिण पूर्वी रेलवे ने एहतियात के तौर पर दक्षिण और उत्तर 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिले के तटीय जिलों में कई ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी हैं।
आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डी एस पाई के अनुसार समुद्री सतह के गर्म होने का मतलब अधिक नमी है जो चक्रवातों के तीव्र होने के लिए अनुकूल है। भारतीय नौसेना ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा और कल्याण के लिए मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) तथा चिकित्सा आपूर्ति से लैस दो पोतों को तत्काल तैनाती के लिए तैयार रखा है।
प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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