देहरादून, चार धाम यात्रा को उत्तराखंड की आर्थिकी का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नागरिकों तथा राजनीतिक दलों से इस यात्रा के बारे में नकारात्मक माहौल बनाने से बचने का आग्रह किया ।
यहां राज्य विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में अपने संबोधन में धामी ने कहा कि इस समय हमारे प्रदेश में चार धाम यात्रा जारी है लेकिन कुछ लोग सोशल मीडिया पर रील बनाकर इसका राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहे हैं।
धामी ने कहा ‘‘वे सरकार का विरोध कर सकते हैं बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का भी विरोध हो सकता है लेकिन हमारी पवित्र चारधाम यात्रा का विरोध न करें।
उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा हमारी सामूहिक आस्था की कठिन यात्रा है जो उत्तराखंड की आर्थिकी के लिए जीवनरेखा का काम करती है। उन्होंने कहा ‘‘नकारात्मक बातों से चार धाम यात्रा का विरोध न करें बल्कि यात्रा और यात्रियों को प्रोत्साहन दें।’’
मुख्यमंत्री का यह बयान 22 अप्रैल को केदारनाथ में दिल का दौरा पड़ने से गुजरात के 69 वर्षीय तीर्थयात्री की मृत्यु के बाद उनके परिवार के लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा शव को निशुल्क हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए गौरीकुंड पहुंचाये जाने की व्यवस्था किए जाने से पहले पार्थिव देह पांच घंटे तक केदारनाथ में ही फंसा रहा ।
प्रशासन ने एक बयान जारी कर इन आरोपों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि यूकाडा से शव को नीचे लाने का अनुरोध मिलते ही तुरंत एक हेलीकॉप्टर भेजा गया था। बयान के अनुसार ‘‘इस सेवा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया गया और भुगतान लिए जाने के आरोप झूठे हैं ।’’
प्रशासन ने आगे कहा कि आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद कम से कम समय में उड़ान भरी गई। रसोई गैस को लेकर विपक्ष की चिंताओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गैस की कोई किल्लत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बारे में उनकी एक दिन पहले ही केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात हुई है ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में स्थिरता बनी हुई है ।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common