चीन ने जापान के सुरक्षा कदमों के बीच अपने पोत प्रशांत क्षेत्र में भेजे

बीजिंग, चीन की नौसेनिक पोतों का एक बेड़ा इस सप्ताह जापान के पास जलडमरूमध्य के रास्ते पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में गया। वहीं बीजिंग ने शुक्रवार को टोक्यो के एक नयी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति अपनाने को लेकर आलोचना की। जापान ने चीन से कथित खतरे को देखते हुए यह नयी सुरक्षा रणनीति अपनायी है जिसके तहत उसने अधिक आक्रामक रुख अपनाया है।

विध्वंसक पोत ल्हासा और कैफेंग तथा एक टैंकर जहाज दक्षिणी जापान में ओसुमी जलडमरूमध्य से गुजरा, जबकि एक डोंगडियाओ-श्रेणी का निगरानी जहाज ओकिनावा के दक्षिण में मियाको जलडमरूमध्य से गुजरा। सभी जहाज बृहस्पतिवार तक पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में पहुंचे।

जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि जहाजों पर पूरे रास्ते जापानी जहाजों और विमानों द्वारा निगरानी की गई।

कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने शुक्रवार को अज्ञात विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा कि इस अभियान ने ‘‘जापान के हालिया सैन्य कदमों के बीच एक संकेत दिया” जो पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की “चीन की राष्ट्रीय संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और विकास हितों की रक्षा करने की क्षमताओं” को प्रदर्शित करेगा।

चीन नियमित रूप से जापानी द्वीपों के बीच जलडमरूमध्य के रास्ते युद्धपोत भेजता है, जबकि वह ताइवान जलडमरूमध्य में विदेशी नौसेना के जहाजों की मौजूदगी का विरोध करता है। इन सभी को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Associated Press (AP)

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