चीन ने वैज्ञानिक सहयोग ‘रोकने’ के आरोप को खारिज किया

बीजिंग, चीन ने शुक्रवार को उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया कि यूक्रेन संकट के बाद उसके वैज्ञानिक अपने रूसी समकक्षों के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसके साथ ही चीन ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग आगे बढ़ रहा है और इसमें “अत्यधिक संभावनाएं” हैं।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि चीन-रूस वैज्ञानिक एवं तकनीकी नवाचार वर्ष 2020 से 2021 तक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था और इस दौरान 1,000 से अधिक नवाचार सहयोग एवं आदान-प्रदान गतिविधियां आयोजित की गईं और उनके “सार्थक परिणाम” मिले।

उन्होंने कहा, “इससे भविष्य में सहयोग के लिए नयी जमीन तैयार हुई है और द्विपक्षीय वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग की अपार और व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया है।”

झाओ की यह टिप्पणी रूसी विज्ञान अकादमी (आरएएस) के अध्यक्ष अलेक्जेंडर सर्गीव द्वारा किए गए एक दावे के जवाब में आई है। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास के अनुसार सर्गीव ने कहा कि आरएएस के चीनी साझेदारों ने अकादमी के साथ सहयोग को “रोक दिया है” तथा पहले से चर्चा की गई परियोजनाओं को स्थगित कर दिया है।

सर्गीव ने एक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में कहा कि यह स्थिति एक महीने से अधिक समय से, यूक्रेन पर रूस के हमले के समय से ही चल रही है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ ने शुक्रवार को यहां मीडिया ब्रीफिंग में प्रतिक्रिया पूछे जाने पर आरोप से इनकार नहीं किया, लेकिन इसे यह कहते हुए तवज्जो नहीं दिया कि “व्यापक संभावनाएं हैं।’’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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