रायपुर, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने बुधवार को कहा कि छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों ने दशकों तक वामपंथी उग्रवाद की गंभीर चुनौती का सामना किया लेकिन राज्य अब इस समस्या से उबर चुका है और विकास प्रगति तथा समृद्धि की नयी सुबह देख रहा है।
रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि जिन इलाकों की पहचान कभी हिंसा से होती थी उनकी पहचान अब सड़कों स्कूलों अस्पतालों आवागमन की सुविधा निवेश और विकास के अवसरों से हो रही है।
उन्होंने कहा कि दशकों तक छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों को मुश्किलों आवागमन की खराब सुविधा और वामपंथी उग्रवाद की गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि राज्य के कई दूरदराज और आदिवासी इलाकों में डर और हिंसा विकास में बाधा बन गए थे।
उपराष्ट्रपति ने कहा जहां सड़कें बननी चाहिए थीं वहां बाधाएं थीं जहां स्कूल होने चाहिए थे वहां व्यवधान था। जहां हमारे आदिवासी और दूरदराज के समुदायों तक अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचनी चाहिए थीं वहां अक्सर केवल अभाव ही था।
उन्होंने कहा लेकिन आज का छत्तीसगढ़ अपने अतीत के साये से बाहर आ गया है। यह हम सभी के लिए एक बड़ी उपलब्धि और बहुत अच्छी खबर है। यह विकास प्रगति और समृद्धि की नयी सुबह देख रहा है। राधाकृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रणनीतिक संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य ने एक ऐतिहासिक मोड़ लिया है और दशकों पुराने नक्सल खतरे को खत्म कर दिया गया है।
उन्होंने कहा यह बदलाव इस बात का एक सशक्त उदाहरण है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति ठोस सुरक्षा नीति और विकास-उन्मुख शासन क्या बदलाव ला सकते हैं।
उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर नए छत्तीसगढ़ के बेहतरीन प्रतीकों में से एक है जो डर और अभाव के दौर से निकलकर शांति प्रगति और संभावनाओं के दौर की ओर बढ़ रहा है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि एम्स रायपुर की स्थापना 2012 में स्वास्थ्य सेवा चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के लिए की गई थी।
उन्होंने कहा बहुत कम समय में यह एक प्रमुख उच्च-स्तरीय चिकित्सा सेवा संस्थान के रूप में विकसित हुआ है जो छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों के लोगों की सेवा कर रहा है।
राधाकृष्णन ने कहा एम्स रायपुर का विकास छत्तीसगढ़ और पूरे देश में हो रहे उल्लेखनीय बदलाव का भी प्रतीक है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common