जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम में संशोधन के मसौदे पर सुझाव मांगे गए : सरकार

नयी दिल्ली, सरकार ने मंगलवार को बताया कि उसने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (आरबीडी) अधिनियम, 1969 में संशोधन संबंधी मसौदे को टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक मंच पर रखा था।

लोकसभा में राकेश सिंह के प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी दी। उन्होंने सवाल किया था कि क्या सरकार का जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम में संशोधन करने का कोई प्रस्ताव है ?

राय ने बताया कि संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और सभी राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्र के साथ परामर्श के बाद, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (आरबीडी) अधिनियम, 1969 के संशोधन संबंधी मसौदे को सुझाव एवं टिप्पणियों के लिये 18 अक्तूबर से 2 दिसंबर 2021 तक सार्वजनिक मंच पर रखा गया था।

राय ने कहा कि संशोधित मसौदे में राज्य स्तर पर नागरिक पंजीकरण रिकार्डों का एक एकीकृत डेटाबेस रखने और उसे राष्ट्रीय स्तर के डेटाबेस के साथ जोड़ने का प्रावधान शामिल है।

गृह राज्य मंत्री ने बताया कि आरबीडी अधिनियम, 1969 के तहत जन्म और मृत्यु का पंजीकरण अनिवार्य है और वर्ष के दौरान पंजीकृत जन्म और मृत्यु पर एक सांख्यिकी रिपोर्ट प्रकाशित करने हेतु मुख्य रजिस्टार निर्देशित है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Getty Images

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