जम्मू, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने देशभर से सामने आ रही कश्मीरी विद्यार्थियों व व्यापारियों सहित कश्मीर निवासियों के कथित उत्पीड़न की घटनाओं को तत्काल रोकने का आह्वान किया और कहा कि घाटी के लोगों का निरंतर उत्पीड़न अस्वीकार्य है। बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल से पहले जम्मू-कश्मीर विधानसभा में देश के विभिन्न हिस्सों में कश्मीर निवासियों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाया गया। विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) विधायक वहीद-उर-रहमान पारा द्वारा इस मामले पर चर्चा के लिए लाए गए स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
अब्दुल्ला ने पहली बैठक के बाद पत्रकारों से कहा “यह ठीक नहीं है। मैंने उत्तर भारत क्षेत्र के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में इस मुद्दे पर बात की थी। उस समय मैंने सभी मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया था कि कश्मीरियों – चाहे वे छात्र हों या व्यापारी उनके निरंतर उत्पीड़न को रोका जाए। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा समय पर कार्रवाई करने और मामले दर्ज कर गिरफ्तारियां करने के लिए मैं उनका आभारी हूं।” उन्होंने चिंता जताई कि पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के सत्ता में होने के बावजूद कश्मीरियों के उत्पीड़न की खबरें आ रही हैं।
अब्दुल्ला ने कहा “हिमाचल हमारा पड़ोसी राज्य है और वहां कांग्रेस के सत्ता में होने के बावजूद लोगों (कश्मीरियों) को रोका जा रहा है परेशान किया जा रहा है और पीटा जा रहा है। मैं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि वह इस पर तत्काल कार्रवाई करें और कश्मीरियों के इस उत्पीड़न और दुर्व्यवहार को रोकें।”क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common