जम्मू, जम्मू कश्मीर सरकार केंद्र शासित प्रदेश की जुड़वा राजधानियों श्रीनगर और जम्मू में रिंग रोड परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के लिए 1 695 करोड़ रुपये मुआवजा दे चुकी है जबकि मुकदमे या अन्य मुद्दों के कारण इससे जुड़े लगभग 1 400 मामले अब भी लंबित हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दोनों परियोजनाओं पर 2018 में काम शुरू हुआ था। इनमें 58.25 किलोमीटर लंबी जम्मू रिंग रोड (सांबा जिले के राया मोड़ को जम्मू के नगरोटा के पास जगती से जोड़ने वाली) तथा 60.84 किलोमीटर लंबी श्रीनगर रिंग रोड (पुलवामा बडगाम श्रीनगर बारामूला और बांदीपोरा के छह जिलों तक फैली) शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि परियोजनाएं पूर्ण होने के अंतिम चरण में हैं।
उन्होंने बताया कि रिंग रोड परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे के तौर पर 2 106.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से 1 784.45 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं जबकि अब तक 1 695.37 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि 89.08 करोड़ रुपये की राशि अभी वितरित की जानी बाकी है। उन्होंने बताया कि जम्मू संभाग में 322.21 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। इसमें से 270.11 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और 244.43 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। 25.68 करोड़ रुपये की राशि अभी वितरित की जानी बाकी है।
अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर संभाग में 1 784.49 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। इसमें से 1 514.34 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और अब तक 1 450.94 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। 63.40 करोड़ रुपये की राशि अभी वितरित की जानी बाकी है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common