जयशंकर और यूक्रेन के विदेश मंत्री ने युद्धक्षेत्र की बदलती स्थिति के बीच युद्ध एवं शांति के प्रयासों पर चर्चा की

निकोसिया, विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने बुधवार को रूस-यूक्रेन संघर्ष  युद्धक्षेत्र के घटनाक्रम और ‘‘व्यापक एवं स्थायी शांति’’ प्राप्त करने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की।  यह बैठक साइप्रस में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक के दौरान हुई। इसे जिम्निच फोरम के नाम से जाना जाता है 

             जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस बातचीत को ‘‘उपयोगी बैठक’’ बताया और कहा कि दोनों पक्षों ने  यूक्रेन संघर्ष  और द्विपक्षीय सहयोग पर विचार विमर्श किया।

             सिबिहा ने कहा कि यह ‘‘सार्थक बैठक’’ रूस-यूक्रेन युद्ध और ‘‘युद्धक्षेत्र के ताजा घटनाक्रम पर केंद्रित रही  खासकर यूक्रेन की बढ़ती रणनीतिक बढ़त पर।’’ उन्होंने कहा कि रूस द्वारा ‘‘आतंक के जरिए हमारे लोगों को डराने’’ की कोशिशों  जिनमें हाल ही में कीव पर किया गया बड़ा हमला भी शामिल है  के बावजूद यूक्रेन दृढ़ और मजबूत बना हुआ है। यूक्रेनी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा  ‘‘हमारा संदेश स्पष्ट है : हम इस युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं और व्यापक एवं स्थायी शांति हासिल करना चाहते हैं।’’

             सिबिहा ने कहा कि दोनों नेताओं ने शांति प्रयासों और वैश्विक स्तर पर अधिक मजबूत भागीदारी की आवश्यकता पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने कहा  ‘‘जब यूरोप अपनी जिम्मेदारी बढ़ा रहा है  तब हम भारत की मजबूत आवाज और उसके सुझावों का स्वागत करेंगे।’’

             दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर भी चर्चा की और आपसी हितों के मुद्दों पर नियमित संवाद बनाए रखने पर सहमति जताई। भारत लगातार यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता रहा है  साथ ही उसने रूस और यूक्रेन दोनों के साथ अपने करीबी संबंध बनाए रखे हैं।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि ‘‘यह युद्ध का युग नहीं है’’ और उन्होंने शांति प्रयासों में भारत के समर्थन की पेशकश भी की है। इसके अलावा  जयशंकर ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से भी मुलाकात की और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की।

             उन्होंने यूरोपीय संघ की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि काजा कल्लास से भारत-यूरोपीय संघ सहयोग और पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी बातचीत की। विदेश मंत्री एस जयशंकर बुधवार को यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की एक अनौपचारिक बैठक में भाग लेने के लिए साइप्रस पहुंचे। जिम्निच बैठकें यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठकें होती हैं  जिनका समय-समय पर आयोजन प्रमुख भू-आर्थिक चुनौतियों  सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए किया जाता है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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