विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर और उनके कैबिनेट सहयोगियों के साथ एक विस्तृत बैठक की।
इस बैठक का मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करना और सहयोग बढ़ाने के लिए नई पहलों पर चर्चा करना था।जयशंकर ने बताया कि चर्चा का मुख्य केंद्र उन वादों को पूरा करना था जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल अपनी यात्रा के दौरान किए थे। इसके साथ ही, कई अलग-अलग क्षेत्रों में साझेदारी के नए अवसरों की भी तलाश की गई।
इस यात्रा के दौरान, भारत और त्रिनिदाद और टोबैगो के बीच कई समझौते हुए। इनमें पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग, विदेश और CARICOM मामलों के मंत्रालय की इमारत को सौर ऊर्जा से चलाना (Solarisation), ‘क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स’ और एक ‘आयुर्वेद पीठ’ की स्थापना शामिल है। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच विकास, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े संबंधों को और मज़बूत बनाना है।विदेश मंत्री भी प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर के साथ एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहाँ त्रिनिदाद और टोबैगो में स्कूली बच्चों को ‘मेड-इन-इंडिया’ लैपटॉप बांटे गए। जयशंकर ने इस पहल को प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता की पूर्ति बताया और कहा कि यह युवा छात्रों के लिए सीखने, जागरूकता और अवसरों का प्रतीक है।
इसके अलावा, त्रिनिदाद और टोबैगो में अपने कार्यक्रमों के दौरान जयशंकर ने सीनेट के अध्यक्ष वेड मार्क और प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष जगदेव सिंह से भी मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर के साथ अपनी बातचीत को सौहार्दपूर्ण और सार्थक बताया, और द्विपक्षीय सहयोग तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर उनके मार्गदर्शन की सराहना की।https://x.com/DrSJaishankar/status/2052913678874481053/photo/1