जलवायु वार्ता में अमेरिका दे सकता है पीछे नहीं हटने का संदेश्

शर्म अल-शेख (मिस्र), अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन मिस्र में अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ता में शामिल होने इस सप्ताह पहुंच रहे हैं और उनका संदेश होगा कि जलवायु परिवर्तन से लड़ने की ऐतिहासिक अमेरिकी कार्रवाई विपरीत दिशा में नहीं जाएगी जैसा कि पहले दो बार डेमोक्रेट के सत्ता से जाने के बाद हुआ था।

बाइडन प्रशासन के मौजूदा और पूर्व शीर्ष जलवायु अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित 375 अरब डॉलर का जलवायु और स्वास्थ्य पैकेज वैश्विक तापमान वृद्धि से लड़ने के लिए अमेरिकी संसद द्वारा पारित सबसे बड़ा कानून है। उन्होंने कहा कि इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि भविष्य में रिपब्लिकन सांसदों या इस दल के राष्ट्रपति को इसे वापस ले पाना बहुत मुश्किल होगा।

बाहरी विशेषज्ञ भी यह बात मानते हैं लेकिन उनका कहना है कि बाइडन के जलवायु एजेंडा के अन्य हिस्सों को रिपब्लिकन के प्रभुत्व वाली कांग्रेस या अदालतें अवरुद्ध कर सकती हैं।

जलवायु वार्ता के 30 साल के इतिहास में डेमोक्रेटिक प्रशासनों ने दो बार अंतरराष्ट्रीय समझौता कराने में मदद की है, लेकिन जब वे व्हाइट हाउस की दौड़ में हार गये ते उनके रिपब्लिकन उत्तराधिकारियों ने उन समझौतों को वापस ले लिया।

उनका मानना है कि अतीत में जलवायु सम्मेलनों में दशकों तक अमेरिका द्वारा वादे किये जाने और कांग्रेस की ओर से संक्षिप्त कार्रवाई होने के बाद पहली बार अमेरिका ने इस दिशा में वास्तविक कानून पेश किया है।

जलवायु और स्वास्थ्य कानून या महंगाई को कम करने वाले कानून को कांग्रेस में रिपब्लिकन सदस्यों के वोट के बिना पारित किया गया जिसके बाद कुछ विशेषज्ञों ने चिंता जताई कि अगर सीनेट में रिपब्लिकन का नियंत्रण होता है तो यह कानून टिक नहीं पाएगा।

इस बीच मंगलवार को मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट तथा रिपब्लिकन के बीच मुकाबले की टक्कर है। इसके परिणाम अभी नहीं आये हैं लेकिन डेमोक्रेट ने आश्चर्यजनक तरीके से बढ़त के संकेत दिये हैं।

जलवायु सम्मेलन में बुधवार को पर्यावरण संगठन सियेरा क्लब के अध्यक्ष रैमन क्रूज ने एक तरह से जीत का दावा करते हुए कहा, ‘‘हम देख रहे हैं कि अमेरिका के लोग वास्तव में जलवायु संबंधी कार्रवाई को समझते हैं और उसका समर्थन कर रहे हैं।’’

ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन में जलवायु और ऊर्जा अध्ययन प्रमुख सामंता ग्रॉस ने कहा कि अगर कांग्रेस में रिपब्लिकन का नियंत्रण हो जाता है तो उनके पास विशेषाधिकार वाला बहुमत नहीं होगा और अगले कुछ साल में व्हाइट हाउस में किसी रिपब्लिकन के आने के बाद भी टैक्स क्रेडिट बने रहेंगे और उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Associated Press (AP)

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