जसपाल राणा फिर होंगे मनु भाकर के निजी कोच

नयी दिल्ली, महान पिस्टल निशानेबाज और कई बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता जसपाल राणा ने शुक्रवार को पुष्टि की कि वह भारत की सर्वश्रेष्ठ निशानेबाजों में शुमार मनु भाकर को फिर से कोचिंग देंगे।  दो साल पहले दोनों के बीच मतभेद होने से अलग होने का विवाद कई दिनों तक सुर्खियों में रहा था। विश्व कप में कई स्वर्ण पदक जीत चुकी मनु ने तोक्यो ओलंपिक से पहले 2021 में मतभेदों के कारण उनसे कोचिंग नहीं लेने का फैसला किया था।  विश्व चैम्पियनशिप की रजत पदक विजेता और 2018 राष्ट्रमंडल खेलों की चैम्पियन मनु के तोक्यो में निराशाजनक प्रदर्शन के पीछे का कारण राणा से अलग होना माना जा रहा था जिसमें उनकी पिस्टल भी खराब हो गयी थी।

             मनु का प्रदर्शन भी राणा से अलग होने के बाद गिरता गया।  राणा ने पीटीआई से कहा, ‘‘हां मैं मनु भाकर को ट्रेनिंग दूंगा। यह सच है। यह मेरे और मनु के बीच है, मुझे इसके लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है। मैं सिर्फ मनु को कोचिंग दूंगा, पूरी पिस्टल टीम को नहीं। मैं उसका निजी कोच रहूंगा। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह लंबी प्रतिबद्धता होगी। मुझे उसके अंदर के चैम्पियन को बाहर लाना होगा। मुन भाकर जैसे निशानेबाज सामान्य तौर पर तकनीकी रूप से अच्छे होते हैं इसलिये मुझे उसके खेल के मानसिक पहलू पर ध्यान लगाना होगा और साथ ही तकनीकी पहलू को भी देखना होगा। ’’फिर से मनु को कोचिंग देने की बात कैसे उठी तो उन्होंने कहा कि शुरूआत इस युवा निशानेबाज की ओर से ही हुई।

            तोक्यो ओलंपिक खेलों से पहले राणा जूनियर राष्ट्रीय कोच थे, उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि श्रेय उसे (मनु को) जाता है। यह मेरे और मनु के बीच की बात है, फिर से कोच बनने पर फैसला करने के लिए कोई और शामिल नहीं है। ’’            उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उसे स्पष्ट रूप से बता दिया है कि जो हो चुका है, वो चुका है और मुझे इसकी परवाह नहीं है। लेकिन अब आपसी समझ होनी चाहिए और उस अलगाव की बात नहीं होगी। हम सिर्फ निशानेबाजी के बारे में पेशेवर तरीके से बात करेंगे। ’’

             राणा ने कहा कि उन्होंने मनु से एशियाई खेलों और विश्व चैम्पियनशिप में पदक दिलाने की गारंटी नहीं दी है जो 2024 पेरिस ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले टूर्नामेंट हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उसे हांगजोऊ एशियाई खेलों और विश्व चैम्पियनशिप के लिए ट्रेनिंग देना शुरु कर दिया है। मैंने उसे किसी पदक की प्रतिबद्धता नहीं दी है। ’’ तोक्यो ओलंपिक के दौरान रौनक पंडित पिस्टल कोच के तौर पर गये थे और मनु ने उनसे सलाह ली थी। तो क्या मनु उनसे (पंडित) से सलाह लेंगी तो राणा ने कहा, ‘‘मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता। ’’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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