जहां भाजपा हार रही, वहां मतगणना धीमी करने का निर्देश दे रहे हैं उप्र सरकार के अधिकारी: अखिलेश

लखनऊ, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार शाम को उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर प्रशासनिक मशीनरी के जरिये वोटों की चोरी का आरोप लगाया। साथ ही दावा किया कि उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी अपने अधीनस्थों को निर्देश दे रहे हैं कि जहां भाजपा हार रही है, वहां मतगणना धीमी कर दी जाए।

अखिलेश यादव ने वाराणसी में दो वाहनों के ईवीएम लेकर भागने और बरेली में कचरा ढोने वाले वाहन में निर्वाचन सामग्री पाये जाने का आरोप लगाया।

हालांकि, वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज ने पत्रकारों को बताया कि जो ईवीएम ले जाई जा रही थी वह प्रशिक्षण के लिए थी। उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया।

मंगलवार की शाम को सपा मुख्यालय में अचानक बुलाई गई पत्रकार वार्ता में यादव ने आरोप लगाया, ‘हमारे लोगों को जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव जिलों में जिलाधिकारियों को फोन कर कह रहे हैं कि जहां-जहां भाजपा के उम्मीदवार हार रहे हों, वहां पर मतगणना धीमी होनी चाहिए। बताया जाता है कि ये निर्देश विशेष रूप से उन 47 सीटों के संबंध में हैं, जिन्हें भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में 5,000 से कम मतों के अंतर से जीता था।’ सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बनारस में बिना प्रत्याशियों को संज्ञान में लिये इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) ले जाई जा रही थीं और एक ट्रक पकड़ा गया जबकि दो ट्रक भाग गये।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार वोट की चोरी नहीं कर रही थी तो कम से कम बताए कि एक गाड़ी पकड़ी गई तो दो गाड़ियां क्यों भागीं, प्रशासन ने सुरक्षा का प्रबंध क्यों नहीं किया?

सपा नेता ने कहा, ‘‘ईवीएम कहीं भी रखी जाए, लेकिन मेरी जानकारी है कि बिना प्रत्याशी को बताए आप उसे नहीं ले जा सकते हैं।’’ वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया, ‘ ईवीएम प्रशिक्षण हेतु मंडी में स्थित अलग खाद्य गोदाम में बने स्टोरेज से यूपी कॉलेज ले जायी रही थी, जिसे कुछ राजनीतिक लोगों ने वाहन को रोक कर उसे चुनाव में प्रयुक्त ईवीएम कह कर अफवाह फैलाई है।’’

उन्होंने कहा कि मतदान ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का कल द्वितीय प्रशिक्षण है और ये मशीनें प्रशिक्षण में हमेशा प्रयुक्त होती हैं। शर्मा ने कहा, ‘जो ईवीएम चुनाव में प्रयुक्त हुई थीं वे सब स्ट्रांग रूम में सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के कब्जे में सील बंद हैं और उसमें सीसीटीवी की निगरानी है जिसे सभी राजनीतिक दलों के लोग देख रहे हैं।’

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी उम्मीदवारों को बुलाया गया है और वे ईवीएम देख सकते हैं।

इस बीच, बरेली के जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने बताया की रिटर्निंग अफसर की गलती से कचरा ढोने वाले वाहनों में निर्वाचन सामग्री लाई गई थी, जिससे वहां मौजूद लोगों को भ्रम हो गया था।

द्विवेदी ने कहा कि स्ट्रांग रूम सुरक्षित है और सभी नेताओं को स्ट्रांग रूम दिखाकर संतुष्ट कर दिया गया है।

वहीं, सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘कल जो एक्जिट पोल आए, मैं उस पर बोलना नहीं चाहता था लेकिन जो एक्जिट पोल आए हैं वह कहीं न कहीं यह धारणा बनाना चाहते हैं कि भाजपा जीत रही है जिससे वे अगर चोरी भी करें तो वो भी पता न लगे।’’

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, ‘‘अगर हमने वोट दिया है तो मैं अपने नौजवानों, किसानों से कहूंगा कि उतनी ही हमारी जिम्मेदारी बनती है कि वोट को बचाएं। अगर वोट नहीं गिना जाएगा तो लोकतंत्र कहां जाएगा, यह लोकतंत्र की आखिरी लड़ाई है।’’

यादव ने कहा, ’’ये लोकतंत्र का आखिरी चुनाव है, क्योंकि, इसके बाद जिस तरह से आजादी के लिए लड़ाई लड़ी गई उसी तरह से आपको, हमको क्रांति करनी पड़ेगी।’’

उन्‍होंने कहा, ‘मैं तो अपने नौजवानों से अपील करूंगा कि जहां किसान इतने साल बैठे रहे तब सरकार झुकी, कम से कम तीन दिन लोकतंत्र के अखंड प्रहरी बनकर ईवीएम को बचाएं, चुनाव को बचाएं।’’ अखिलेश यादव ने मंगलवार को ट्वीट भी करके कहा, ’’आज से, अभी से हर युवा, हर मतदाता अगले तीन दिन तक मतों की रक्षा के लिए मतगणना केंद्र की किलेबंदी कर दे और ढोल-मंजीरा लेकर आजादी के अफ़साने गाएं। किसानों की तरह उनके लिए भी लोकतंत्र के लंगर लगेंगे एवं दुनिया देखेगी कि लोकतंत्र को कैसे बचाया जाता है।’

यादव ने ट्वीट में दावा किया, ‘बाहुबल के आगे जनबल झुकेगा नहीं।’

उन्‍होंने यह भी कहा कि वाराणसी में ईवीएम पकड़े जाने का समाचार उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा को चौकन्ना रहने का संदेश दे रहा है। सपा नेता ने कहा कि मतगणना में धांधली की कोशिश को नाकाम करने के लिए सपा-गठबंधन के सभी प्रत्याशी और समर्थक अपने-अपने कैमरों के साथ तैयार रहें।

इसके पहले पत्रकार वार्ता में सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बरेली में और सोनभद्र में बड़े पैमाने पर चीजें पकड़ी गईं। सपा प्रमुख ने दावा किया कि बरेली में, नगर निगम के एक कचरे के वाहन में सादा मतपत्र और सीलिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चीजें पाई गई।

उन्होंने कहा,‘‘ जब तक मतगणना न हो जाए तब तक पार्टी के लोग लगातार निगरानी रखें कि कैसे वोट बचाया जा सकता है। ये लोकतंत्र के लिए बहुत ही खतरे का समय है।ये जितने भी एक्जिट पोल हुए हैं सब इसीलिए हुए हैं चोरी भी करें तो नजर न आए। ईवीएम पकड़ी गई है तो अधिकारी कोई न कोई बहाना बताएंगे ही।’’

उन्होंने वाराणसी के जिलाधिकारी पर भी बेईमानी के आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘ मैं उसे अच्छी तरह जानता हूं।’’

मतगणना केंद्रों के बाहर समाजवादी पार्टी ने जैमर लगाए जाने की मांग की है। इस संदर्भ में पूछे गये सवाल पर यादव ने कहा कि जैमर इसलिए लगाया जाए क्योंकि कई लोग आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि तकनीक का प्रयोग करके कुछ मैनिपुलेशन किया जा सकता है।

उन्होंने आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग से जिन अधिकारियों की शिकायत की गई, उनमें एक भी अधिकारी हटाया नहीं गया, इसलिए ‘‘मैं कह रहा हूं कि अगर लोकतंत्र बचाना है तो लोगों को लड़ना पड़ेगा।’’

यादव ने एक सवाल के जवाब में दावा किया कि समाजवादी गठबंधन को तीन सौ सीटें मिलेंगी।

यादव के साथ पत्रकार वार्ता में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर और जनवादी सोशलिस्ट के अध्यक्ष संजय चौहान समेत कई प्रमुख नेता मौजूद थे।

इस दौरान राजभर ने भी बनारस में ईवीएम ले जाने का आरोप लगाया और दावा किया कि हम लोग भाजपा से दस कदम आगे चलेंगे और समाजवादी गठबंधन की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।

उत्तर प्रदेश में सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव का सोमवार को समापन हो गया। मतों की गिनती 10 मार्च को होगी।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Getty Images

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