नयी दिल्ली, दिल्ली यातायात पुलिस ने जीआरएपी के पहले और दूसरे चरण के दौरान 14 अक्टूबर से 18 नवंबर तक प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र उल्लंघन के लिए 84.98 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
‘पीटीआई-भाषा’ द्वारा प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यह राशि 84 981 चालानों से संबंधित है जिनमें से प्रत्येक पर 10 000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
आंकड़ों के मुताबिक पश्चिमी रेंज ने सबसे अधिक 22 867 पीयूसी चालान किए इसके बाद दक्षिणी रेंज में 20 554 और नयी दिल्ली रेंज में 13 423 चालान किए गए। पूर्वी रेंज ने 12 441 चालान उत्तरी रेंज ने 10 211 और मध्य रेंज ने 5 485 चालान जारी किए।
आंकड़ों से पता चलता है कि पुलिस ने प्रदूषण फैलाते दिखने वाले वाहनों के लिए भी 2 030 चालान जारी किए। इनमें से 1 197 दक्षिणी रेंज से 751 पश्चिमी रेंज से और 82 नयी दिल्ली रेंज से थे।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बिना ढके निर्माण एवं मलबे के लिए कुल 446 चालान जारी किए गए।
कुल 4 708 गैर-गंतव्य ट्रकों (जिनका गंतव्य दिल्ली नहीं है) को ईस्टर्न एंड वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से मार्ग परिवर्तित किया गया।
अधिकारियों के अनुसार शहर के अंदर अतिरिक्त प्रदूषण को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा ‘‘यातायात टीमों को सभी सीमाओं और आंतरिक क्षेत्रों पर पूरी मुस्तैदी से तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रदूषण के संबंध में आवागमन को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।’’
जीआरएपी नियमों के तहत पुलिस ने दिल्ली की सीमाओं पर 5 910 अंतर-राज्यीय बसों की जांच की। इनमें से 2164 जांच पूर्वी रेंज में 1285 पश्चिमी रेंज में 1205 दक्षिणी रेंज में 945 नयी दिल्ली रेंज में और 311 उत्तरी रेंज में की गईं।
पुलिस ने जीआरएपी नियमों का पालन नहीं करने पर 442 अंतर-राज्यीय बसों को रोका। इनमें पूर्वी और दक्षिणी रेंज में 159-159 नयी दिल्ली रेंज में 89 पश्चिमी रेंज में 27 तथा उत्तरी रेंज में आठ बसें शामिल हैं।
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