मैड्रिड, यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदोमिर जेलेंस्की ने अपने संकटग्रस्त देश को पूरी तरह से साथ नहीं लेने के लिए नाटो को फटकार लगाई वहीं रूस के खिलाफ युद्ध में मदद के लिए और हथियारों की आपूर्ति करने की अपील की।
रूस द्वारा अपने पड़ोसी देश पर आक्रमण से यूरोप की शांति भंग हो गई है। इसके बाद नाटो पूर्वी यूरोप में बड़े पैमाने पर सेना और हथियार एकत्र करने पर जोर दे रहा है जो शीत युद्ध के बाद से नहीं देखा गया था। वहीं स्वीडन और फिनलैंड रक्षा संगठन के दो नए सदस्य बनने को तैयार हैं।
जेलेंस्की ने वीडियो लिंक के जरिए कहा कि उन्हें या तो यूक्रेन को रूस को हराने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करनी होगी या “रूस और अपने बीच विलंबित युद्ध का सामना करना होगा”। उन्होंने और अधिक तोपखाना प्रणालियों और अन्य हथियारों की आपूर्ति किए जाने पर जोर दिया।
जेलेंस्की ने स्वीकार किया है कि उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सदस्यता अभी दूर की बात है। नाटो और रूस के बीच सीधे टकराव के बिना सैन्य संगठन संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है और अपने सदस्य- देशों को यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करने पर जोर दे रहा है।
मैड्रिड में नाटो के 30 नेताओं की बैठक के दौरान, महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने स्वीकार किया कि गठबंधन “द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे गंभीर सुरक्षा संकट का सामना कर रहा है”।
उन्होंने कहा कि “यह एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी सम्मेलन होगा।”
उन्होंने कहा कि नाटो के सदस्य देश सबसे बड़े सुरक्षा संकट के बीच मुलाकात कर रहे हैं।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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