टिकैत ने शहर विकास अधिनियम रद्द करने की मांग को लेकर बिहार में आंदोलन का आह्वान

पटना, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बिहार शहर विकास अधिनियम 2026 को रद्द करने सरकार द्वारा अधिग्रहित जमीन का उचित मुआवजा देने और किसानों के कर्ज माफ करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया।

टिकैत ने कहा कि किसानों को अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा और बिहार में उनका आंदोलन अभी बहुत कमजोर है। उन्होंने राज्य से बाहर काम करने वाले लोगों से भी आंदोलन शुरू होने पर जहां वे रह रहे हैं वहां विरोध प्रदर्शन करने की अपील की।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार को लूटने की कोशिश की जा रही है। टिकैत ने कहा कि पहले किसानों की मंडियां और बाजार समितियां बंद की गईं राज्य के लोगों को कमजोर किया गया और अब उनकी जमीन पर हमला किया जा रहा है।

उन्होंने लोगों से धार्मिक ध्रुवीकरण में नहीं फंसने तथा देश को संविधान के अनुसार चलाने की अपील की। भाकियू के बयान में आरोप लगाया गया कि बिहार सरकार ने पिछले कई वर्षों में किसानों की जमीन अधिग्रहित करने के लिए कठोर कानून बनाए हैं जो ‘‘रॉलेट एक्ट से भी अधिक खतरनाक’’ हैं।

भाकियू ने बिहार शहर विकास अधिनियम रद्द करने उपग्रह टाउनशिप के बजाय स्मार्ट गांव विकसित करने सभी किसानों के कर्ज माफ करने सभी फसलों के लिए सी2+50 प्रतिशत के फार्मूले पर न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों और मजदूरों को 10 000 रुपये मासिक पेंशन देने की मांग की है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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