नयी दिल्ली, सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी की दो इकाइयों… टीएचडीसी इंडिया लि. और नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन के निदेशक मंडल के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार विद्युत मंत्रालय ने नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (नीपको) और टीएचडीसी इंडिया के निदेशक मंडल में एक गैर-कार्यकारी चेयरपर्सन की नियुक्ति और चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के पद को प्रबंध निदेशक के रूप में पुनः नामित करने का प्रस्ताव रखा था।
पुनर्गठन के बाद एनटीपीसी के सीएमडी नीपको और टीएचडीसी इंडिया के गैर-कार्यकारी चेयरपर्सन होंगे जबकि टीएचडीसी इंडिया और नीपको के प्रबंध निदेशकों की नियुक्ति लोक उपक्रम विभाग के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार लोक उद्यम चयन बोर्ड और मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति के माध्यम से की जाएगी। पिछले सप्ताह 18 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार अब इन दोनों कंपनियों में निदेशक (तकनीकी) निदेशक (वित्त) और निदेशक (कार्मिक) का कोई पद नहीं होगा।
चूंकि नीपको और टीएचडीसीआईएल के लिए निदेशक (वित्त) का पद समाप्त करने का प्रस्ताव है इसलिए एनटीपीसी के निदेशक (वित्त) को उन बैठकों में उपस्थित रहना होगा जहां नीपको और टीएचडीसी इंडिया के निदेशक मंडल को सौंपे गए प्रमुख वित्तीय निर्णय लिए जाते हैं। कंपनी के संबंधित निदेशक मंडल में दो सरकारी/एनटीपीसी नामित निदेशक और तीन स्वतंत्र निदेशक होंगे। अब निदेशक मंडल में कुल सात सदस्य होंगे जो वर्तमान में 14 है।
अधिसूचना में कहा गया ‘‘निदेशक मंडल में शामिल मौजूदा निदेशकों के संबंध में मंत्रालय उचित समझे जाने पर निर्णय ले सकता है। विद्युत मंत्रालय से अनुरोध है कि वह ऊपर दिए गए सुझावों के अनुसार एक संशोधित प्रस्ताव जारी करे।’’
एनटीपीसी ने मार्च 2020 में टीएचडीसी इंडिया लि. में 74.496 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी और नॉर्थ-ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लि. में 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए भारत सरकार के साथ शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की थी।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common