कोलकाता, ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के 25 जनवरी को पश्चिम बंगाल में प्रवेश करने पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के इसमें भाग लेने की संभावना नहीं है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बुधवार को यह जानकारी दी। अभी असम में चल रही इस यात्रा के 25 जनवरी को कूच बिहार जिले में बक्शीरहाट के जरिए पश्चिम बंगाल में प्रवेश करने की संभावना है। दो दिन 26-27 जनवरी को विश्राम करने के बाद यात्रा 29 जनवरी को बिहार पहुंचने से पहले जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तर दिनाजपुर और दार्जीलिंग से गुजरेगी। यह एक फरवरी को राज्य से रवाना होने से पहले मालदा के जरिए 31 जनवरी को पश्चिम बंगाल में पुन: प्रवेश करेगी और मुर्शिदाबाद से गुजरेगी। मालदा और मुर्शिदाबाद दोनों ही कांग्रेस के गढ़ माने जाते हैं।
टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमें कांग्रेस से कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है। और अगर हमें मिलता भी है तो हमारे इसमें शामिल होने की संभावना नहीं है।’’ विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल टीएमसी और कांग्रेस में पश्चिम बंगाल में सीटों के बंटवारे को लेकर बढ़ते टकराव के बीच यह बयान आया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत टीएमसी नेताओं का कहना है कि राज्य में उनकी ही पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मुकाबला कर रही है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को 10-12 लोकसभा क्षेत्रों की “अनुचित” मांग का हवाला देते हुए पश्चिम बंगाल में सीट बंटवारे पर चर्चा में देरी के लिए कांग्रेस की आलोचना की थी।
कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के वरिष्ठ नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी ने ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी साझदारों को निमंत्रण भेजा है। उन्होंने कहा, ‘‘यह टीएमसी को तय करना है कि वे यात्रा में शामिल होंगे या नहीं।’’
ममता की पार्टी से 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए केवल दो सीट देने की पेशकश की गयी है जिसके लेकर दोनों दलों के बीच खींचतान बढ़ गयी है। पिछले लोकसभा चुनाव में टीएमसी ने राज्य में 22 सीटें, कांग्रेस ने दो और भाजपा ने 18 सीटें जीती थी। टीएमसी ने 2001 के विधानसभा चुनाव, 2009 के लोकसभा चुनाव और 2011 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस से गठबंधन किया था। गठबंधन ने 2011 के चुनाव में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की अगुवाई वाले वाम मोर्चा की 34 साल पुरानी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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