जालंधर, भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि टीम डिफेंस में सुधार करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने अपनी टीम को खिताब का प्रबल दावेदार बताए जाने को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य यहां रिकॉर्ड छठा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) खिताब जीतना है।
भारत मंगलवार को यहां सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए पाकिस्तान के टूर्नामेंट से हटने के बाद बांग्लादेश को उसकी जगह शामिल किया गया है।
हरमनप्रीत ने यहां टूर्नामेंट से पहले आयोजित कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा ‘‘डिफेंस हमारी प्राथमिकता है। हमारे पास काफी कुशल फारवर्ड हैं जो अच्छे मौके बनाते हैं। अगर हम रक्षात्मक और आक्रामक दोनों मोर्चों पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो एक बेहतर टीम बन सकते हैं।’’ हरमनप्रीत ने कहा कि रक्षात्मक प्रदर्शन में सुधार से भारत के समग्र खेल में बड़ा अंतर आ सकता है।
उन्होंने कहा ‘‘मैं अपने रक्षात्मक प्रदर्शन पर ध्यान दूंगा। एक टीम के रूप में हम जिस तरह से बचाव करते हैं उससे हमारे कुल प्रदर्शन पर काफी फर्क पड़ सकता है। कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें हमें सुधार करने की जरूरत है लेकिन हम अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करेंगे और टूर्नामेंट के दौरान उन पहलुओं पर काम करेंगे।’’पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम खिताब की प्रबल दावेदारों में शामिल है। वह इस प्रतियोगिता में भाग ले रही टीमों में विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान के साथ सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम है।
मेजबान भारत एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने के बाद इस टूर्नामेंट में उतर रहा है।
हालांकि हरमनप्रीत ने कहा कि छह टीम की इस प्रतियोगिता में भारत किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेगा। उन्होंने कहा ‘‘हर टीम यहां प्रतिस्पर्धा करने और टूर्नामेंट जीतने के लिए आई है। सभी टीम मजबूत हैं और हम किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेना चाहते।
हर टीम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए यहां आई है।’’ भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के मुख्य खिलाड़ियों को बरकरार रखा है। टीम में कुछ मामूली बदलाव किए गए हैं और फारवर्ड आदित्य ललागे तथा डिफेंडर अमनदीप लाकड़ा जैसे युवा खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।क्रडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common