नयी दिल्ली, एकीकृत दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की पहली महापौर बनने वाली डीयू की प्रोफेसर शैली ओबेरॉय अपनी अकादमिक पहचान के लिए अधिक जानी जाती हैं।
हालांकि पिछले साल दिसंबर में एमसीडी चुनाव के जरिए अपनी चुनावी पारी शुरू करने वाली ओबेरॉय (39) ने दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष आदेश गुप्ता के गढ़ कहे जाने वाले पूर्वी पटेल नगर वार्ड से जीत हासिल कर नयी पहचान कायम की।
और अब, बहुप्रतीक्षित चुनाव में ओबेरॉय के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रेखा गुप्ता को 34 मतों से हराने के बाद दिल्ली को एक दशक से भी कम समय में पहली महिला महापौर मिल गई। इससे पहले रजनी अब्बी 2011 में एमसीडी के तीन भागों में विभाजित होने से पहले शीर्ष पद पर निर्वाचित होने वाली अंतिम महिला थीं।
बुधवार को सिविक सेंटर में महापौर पद के लिए मतदान हुआ था।
ओबेरॉय ने अपनी जीत के बाद हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पार्टी पार्षदों ने मंच पर नवनिर्वाचित महापौर को मिठाई खिलाई व माला पहनाई। उनके साथ सेल्फी लेने के लिए मंच पर महिला पार्षदों के बीच धक्का-मुक्की देखी गई।
ओबेरॉय ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दिल्ली के लोगों को धन्यवाद देती हूं। अगले तीन महीनों में हम यहां लैंडफिल साइट का निरीक्षण करेंगे। सभी पार्षद आज से काम करेंगे। 10-गारंटी कार्यक्रम पर हमारा ध्यान रहेगा।”
महापौर के चुनाव के लिए इससे पहले तीन प्रयास किए गए थे, लेकिन मनोनीत सदस्यों को मतदान का अधिकार होने के मुद्दे पर सदन में हंगामे के कारण चुनाव नहीं हो सका।
ओबेरॉय ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एसओएमएस) से दर्शनशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने भारतीय वाणिज्य संघ (आईसीए) सम्मेलन में स्वर्ण पदक (प्रोफेसर मनुभाई शाह पुरस्कार) हासिल करने के अलावा विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त किए हैं। वह आईसीए की आजीवन सदस्य भी हैं।
उन्हें “मिस कमला रानी पुरस्कार” से भी सम्मानित किया जा चुका है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons