डॉलर के मुकाबले रुपया एक पैसे टूटकर 90.96 पर बंद हुआ

मुंबई, दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निधियों की धननिकासी के बीच अंतरबैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में रुपया लगातार दूसरे दिन भी सीमित दायरे में रहा और डॉलर के मुकाबले एक पैसे टूटकर 90.96 (अस्थायी) पर बंद हुआ। विदेशीमुद्रा व्यापारियों के अनुसार कमजोर डॉलर और घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक धारणा ने रुपये की गिरावट को सीमित किया।

अंतरबैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 90.94 पर खुला और पूरे सत्र में एक सीमित दायरे में कारोबार करता रहा फिर 90.96 (अस्थायी) पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से एक पैसा कम है। मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया छह पैसे गिरकर 90.95 पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा ‘‘शुरुआती कारोबार में कमजोर डॉलर और घरेलू बाजारों की सकारात्मक शुरुआत से रुपया चढ़ा। हालांकि कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण इसने बढ़त खो दी।’’

उन्होंने कहा ‘‘हमें उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव और चल रहे व्यापार शुल्क की अनिश्चितता के बीच रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। अमेरिका और ईरान के बीच बृहस्पतिवार को बातचीत होने की संभावना है और अब बाजारों को उम्मीद है कि अमेरिका ईरान पर सीमित हमला कर सकता है।’’ इस बीच विश्व की छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.05 प्रतिशत टूटकर 97.79 पर कारोबार कर रहा था।

चौधरी ने कहा ‘‘रिजर्व बैंक के दखल के साथ कमजोर डॉलर निचले स्तर पर रुपये को समर्थन कर सकता है। डॉलर-रुपया हाजिर कीमत के 90.70 से 91.20 रुपये के दायरे में कारोबार करने की उम्मीद है।’’ वैश्विक कच्चातेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.06 प्रतिशत बढ़कर 70.76 डॉलर प्रति बैरल हो गया। घरेलू शेयर बाजार में तेज़ी आई और सेंसेक्स 50.15 अंक चढ़कर 82 276.07 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 57.85 अंक चढ़कर 25 482.50 पर बंद हुआ। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने मंगलवार को शुद्ध रूप से 102.53 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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