डॉ. एस. जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री से मुलाकात की

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपनी चीन यात्रा के दौरान 14 जुलाई, 2025 को बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री और सीपीसी पोलित ब्यूरो के सदस्य वांग यी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर एवं पुनर्निर्माण करने के हालिया प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के मद्देनजर, जन-केंद्रित जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया। डॉ. जयशंकर ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने में चीन के सहयोग की सराहना की और लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त उपायों पर चर्चा की, जैसे यात्रा को आसान बनाना और सीधी उड़ान कनेक्टिविटी में सुधार करना।

चर्चा के दौरान, डॉ. जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए सीमा पर शांति और सौहार्द के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने तनाव कम करने और प्रभावी सीमा प्रबंधन के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया, साथ ही सीमा पार नदियों पर सहयोग की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया, जिसमें चीनी पक्ष द्वारा समय पर जल विज्ञान संबंधी आँकड़े साझा करना भी शामिल है। उन्होंने प्रतिबंधात्मक व्यापार उपायों और आर्थिक सहयोग में आने वाली बाधाओं पर भी चिंता जताई।

दोनों मंत्रियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और आगे भी द्विपक्षीय यात्राओं और संवाद के माध्यम से जुड़े रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। डॉ. जयशंकर ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की चीन की अध्यक्षता के लिए भारत का समर्थन व्यक्त किया और तियानजिन में होने वाली एससीओ विदेश मंत्रियों की आगामी बैठक में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की। अपनी यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री ने चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अंतर्राष्ट्रीय विभाग के मंत्री लियू जियानचाओ से भी मुलाक़ात की। चर्चाओं को रचनात्मक और दूरदर्शी बताया गया, जो संबंधों को और अधिक स्थिर और सकारात्मक दिशा में ले जाने में पारस्परिक रुचि को दर्शाती हैं।https://x.com/DrSJaishankar/status/1944747182843904093/photo/1

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