मंगलुरु (कर्नाटक), तटीय कर्नाटक में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। उडुपी जिले के कुडांपुर तालुक में हकलाडी में पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक 189 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा दर्ज की गई। एक बयान में यह जानकारी दी गयी है।
कर्नाटक राज्य आपदा निगरानी केंद्र द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अरब सागर और पश्चिमी घाट क्षेत्र के ऊपर दक्षिणपश्चिम मानसून की सक्रियता से इस पूरी तटीय क्षेत्र में भारी बारिश हुई है।
दक्षिण कन्नड़ जिले में भी भारी वर्षा दर्ज की गई जहां उप्पीनांगडी में 122.8 मिमी तथा बेलथांगडी में 100.8 मिमी बारिश हुई। धर्मस्थल में 76.2 मिमी मूडबिदरी में 74.4 मिमी बंतवाल में 274 मिमी और मंगलुरु में 23.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
उत्तर कन्नड़ जिले में जोइडा में सर्वाधिक 148.6 मिमी जागलबेट में 67 मिमी गेरसोप्पा में 46.2 मिमी और किरावट्टी में 32.4 मिमी वर्षा हुई। इस तटीय क्षेत्र में व्यापक वर्षा से निचले इलाकों में जलजमाव होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया । नेत्रावती और इसकी सहायक नदिया खतरे के निशान के करीब पहुंच गयी हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। तटीय जिलों के जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की इकाइयों और स्थानीय आपात मोचन दलों को पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन एवं बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए ‘हाई अलर्ट’ पर रखा है। प्रशासन ने मछुआरों को प्रतिकूल मौसम को देखते हुए अरब सागर में जाने से परहेज करने की सलाह दी है।
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