तलाश, बचाव कार्य में लगे जहाजों को संदेह के आधार पर नहीं कर सकते जब्त : ईयू की शीर्ष अदालत

ब्रसेल्स, यूरोपीय संघ (ईयू) की शीर्ष अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया कि राष्ट्रीय नौवहन अधिकारी इस संदेह के आधार पर तलाश एवं बचाव कार्य में शामिल जहाजों को जब्त नहीं कर सकते कि समुद्र से बचाए गए प्रवासियों की संख्या के कारण जहाजों पर वजन उनकी भारवहन क्षमता से ज्यादा हो सकता है।

जर्मन प्रवासी सहायता समूह ‘सी-वॉच’ की अपील पर यूरोपीय न्यायालय का फैसला आया। जर्मन समूह के दो जहाजों को 2020 में सिसिली में जांच करवाने के लिए मजबूर किया गया था। प्रवासियों को ले जाने के लिए अधिकृत सीमा से ज्यादा लोगों को ले जा रहे लोगों को उतारने के बाद जहाज की जांच की गई। इतालवी बंदरगाह अधिकारियों ने यह भी माना कि जहाजों को तलाश और बचाव मिशन के लिए प्रमाणित नहीं किया गया था।

हालांकि, अदालत ने कहा कि लोगों को बचाए जाने के समय यह नहीं देखना चाहिए कि समुद्र में सुरक्षा के नियमों का पालन किया गया या नहीं। लक्जमबर्ग स्थित ‘यूरोपियन कोर्ट ऑफ जस्टिस’ (ईसीजे) ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय पत्तन अधिकारियों को यह आकलन करने के लिए जहाजों का निरीक्षण करने का अधिकार है कि काम करने की स्थिति, स्वास्थ्य और सुरक्षा और पर्यावरण पर नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।

हालांकि ईसीजे ने स्पष्ट किया कि उनके (पत्तन अधिकारियों के) पास ‘इस बात का प्रमाण मांगने की शक्ति नहीं है कि वे जहाज ध्वज वाहक राष्ट्र द्वारा जारी किए गए प्रमाणपत्रों के अलावा अन्य प्रमाण पत्र रखते हैं।’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Associated Press (AP)

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