दक्षिण अफ्रीका में जारी हिंसा और लूटपाट ‘तख्तापलट के प्रयास की निशानी’ : नील गोपाल

जोहानिसबर्ग, दक्षिण अफ्रीका में संपत्ति मालिकों के शीर्ष निकाय (एसएपीओए) के प्रमुख नील गोपाल ने देश में जारी लूटपाट और आगजनी की घटनाओं को ‘तख्तापलट के प्रयास की निशानी ‘ बताते हुए बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से मौजूदा हालात से निपटने के लिए संपूर्ण लॉकडाउन लगाने की अपील की।

पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को अदालत की अवमानना के मामले में 15 माह की सजा की शुरुआत के बाद देश में एक सप्ताह से जारी दंगों और हिंसा में अब तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 1200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस हिंसा में कई कारखानों और महत्वपूर्ण आपूर्ति मार्गों को भी नुकसान पहुंचा है।

ये प्रदर्शन 79 वर्षीय जुमा को जेल से रिहा करने की मांग के साथ शुरू हुए थे, लेकिन अब ये भारी लूटपाट और संपत्ति की तोड़फोड़ तथा आगजनी की घटनाओं में तब्दील हो गए हैं। हालांकि राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने सेना और पुलिस को तैनात कर दिया है, लेकिन कई इलाकों में दंगाइयों की तादाद सुरक्षाकर्मियों पर भारी पड़ रही है।

एसएपीओए के प्रमुख नील गोपाल ने समाचार वेबसाइट मनीवेब से कहा, ‘ लोग मोबाइल फोन टावरों को नष्ट कर रहे हैं, जलाशयों को तबाह कर रहे हैं और देश में अन्य बुनियादी ढांचों पर हमला कर रहे हैं, ये सब तख्तापलट के प्रयासों की निशानी हैं। हमें स्थिति से निपटने के लिए पिछले वर्ष की तरह पांचवें चरण के कोविड-19 संबंधी संपूर्ण लॉकडाउन को लागू कर देना चाहिए। उस समय अपराध की दर शून्य थी।’

एसएपीओए वाणिज्यिक संपत्ति क्षेत्र के भीतर 800 से अधिक संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें देश की 90 प्रतिशत वाणिज्यिक अचल संपत्ति एसोसिएशन के सदस्यों के स्वामित्व में है।

एसएपीओए के मुताबिक अब तक 800 से अधिक दुकानों को लूटा जा चुका है जबकि करीब 100 शॉपिंग मॉल को जला दिया गया है अथवा भारी क्षति पहुंचाई गयी है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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