नयी दिल्ली, सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरनमेंट (सीएसई) द्वारा किये गए विश्लेषण के अनुसार साल 2022 की गर्मियों में–इतिहास में सर्वाधिक गर्म में से एक- व्यापक रूप से ओजोन की अधिकता देखी गई है, जिसके चलते दिल्ली-एनसीआर की वायु और अधिक विषैली हो गई है।
सीएसई का आकलन सीपीसीबी के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन नियंत्रण कक्ष की ओर से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वास्तविक समय (औसतन 15 मिनट) डेटा पर आधारित है।
दिल्ली-एनसीआर में शोधकर्ताओं ने 58 आधिकारिक स्टेशन से डेटा हासिल किया। विश्लेषण में प्रत्येक स्टेशन पर प्रदूषण वृद्धि की पड़ताल की गई।
सीएसई ने कहा कि इस साल लू के शुरुआती प्रकोप के कारण, जमीनी स्तर के ओजोन प्रदूषण का प्रसार मार्च में ही शुरू हो गया था और इस मामले में अप्रैल अब तक का सबसे खराब महीना रहा।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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