28 फरवरी को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में CAG की दूसरी रिपोर्ट पेश की। दिल्ली की जनता से किए गए वादे को पूरा करते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन पर CAG की दूसरी ऑडिट रिपोर्ट विधानसभा में सदन के समक्ष पेश की गई। इस रिपोर्ट ने न केवल केजरीवाल सरकार की हकीकत को उजागर किया है, बल्कि दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को भी बेनकाब किया है। दिल्ली भाजपा ने अपने आधिकारिक अकाउंट पर CAG रिपोर्ट का सारांश मुख्य बिंदुओं में दिया है। यह इस प्रकार है: 1. आपातकालीन कोविड फंड का अपर्याप्त उपयोग कोविड प्रतिक्रिया के लिए आवंटित 787.91 करोड़ रुपये में से केवल 582.84 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए। •स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन के लिए आवंटित ₹30.52 करोड़ और चिकित्सा आपूर्ति (पीपीई, मास्क आदि) के लिए ₹83.14 करोड़ खर्च नहीं किए गए, जिससे आवश्यक वस्तुओं की कमी हो गई।
2. अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने में विफलता : •2016-2021 के बीच 32,000 नए बिस्तर जोड़ने का लक्ष्य था, लेकिन केवल 1,357 (4.24%) बिस्तर जोड़े गए। •अस्पतालों में भीड़भाड़ 101% से 189% तक थी, जिससे मरीजों को बिस्तर साझा करने या फर्श पर इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ा।
3. अस्पताल परियोजनाओं में देरी और लागत में वृद्धि : •तीन अस्पतालों के निर्माण में छह साल तक की देरी हुई, जिससे परियोजना लागत ₹382.52 करोड़ बढ़ गई। •उदाहरण: इंदिरा गांधी अस्पताल में 5 साल की देरी हुई और लागत में 314.9 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।
4. स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी : विभिन्न विभागों और अस्पतालों में कुल 8,194 पद खाली रहे। नर्सों की कमी 21% और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी 38% थी।
5. सर्जरी के लिए लंबा इंतजार : लोक नायक अस्पताल: सामान्य सर्जरी के लिए प्रतीक्षा समय 2-3 महीने है, बर्न/प्लास्टिक सर्जरी के लिए 6-8 महीने है। चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय: उपकरणों के काम न करने के कारण बाल चिकित्सा सर्जरी के लिए 12 महीने का इंतजार।
6. महत्वपूर्ण अस्पताल सुविधाओं का उपयोग न होना : राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (RGSSH): 6 ऑपरेशन थिएटर, ICU बेड और डॉक्टरों का छात्रावास अप्रयुक्त रह गया।
दिल्ली भाजपा ने कहा कि रिपोर्ट में दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में बड़े पैमाने पर कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार, असफल बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों की कमी को उजागर किया गया है। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया है।