दिल्ली के उद्योग, पर्यावरण और वन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने क्लाइमेट कलेक्टिव फाउंडेशन द्वारा आयोजित दिल्ली क्लाइमेट इनोवेशन वीक 2026 में हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने क्लाइमेट चेंज से पैदा हुई चुनौतियों और मिलकर हल निकालने की ज़रूरत पर अपने विचार शेयर किए।
उन्होंने कहा कि क्लाइमेट चेंज सिर्फ़ डिक्शनरी या पॉलिसी पर चर्चा तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी और निजी ज़िम्मेदारी का हिस्सा बनना चाहिए। व्यवहार में बदलाव पर ज़ोर देते हुए, सिरसा ने नागरिकों से पानी बचाने, सस्टेनेबल लाइफस्टाइल अपनाने और प्लास्टिक को पूरी तरह से ना कहने की अपील की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पर्यावरण सुरक्षा को आदत बनाना ही असली और लंबे समय तक चलने वाला बदलाव लाने की चाबी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन LiFE और “एक पेड़ माँ के नाम” कैंपेन का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण को लोगों का आंदोलन बनाने के लिए कमिटेड है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि क्लाइमेट रिस्क के खिलाफ़ लंबे समय तक मज़बूती बनाने के लिए कम्युनिटी की भागीदारी ज़रूरी है।आने वाली पीढ़ियों के लिए गहरी चिंता ज़ाहिर करते हुए, सिरसा ने कहा कि छोटे बच्चों को देखकर उनका यह इरादा और मज़बूत होता है कि उन्हें प्रदूषण-मुक्त और हरी-भरी दिल्ली विरासत में मिले। उन्होंने दोहराया कि राजधानी में हर साँस की सुरक्षा करना उनका कमिटमेंट और ज़िम्मेदारी दोनों है। https://x.com/mssirsa/status/2026931393834463307/photo/2