दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राष्ट्रीय राजधानी में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी मुख्य प्राथमिकताओं का आकलन करने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) की एक व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इसमें ठोस कचरा प्रबंधन, जलभराव की रोकथाम और मॉनसून के मौसम में वेक्टर-जनित बीमारियों को नियंत्रित करने के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में टोल गेट पर ट्रैफिक जाम की समस्या पर भी चर्चा हुई।
इस दौरान उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए इंदौर के सफल मॉडल का अध्ययन करें और इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किसी एक MCD ज़ोन में लागू करने पर विचार करें।
अधिकारियों ने PM-UDAY योजना और शहर की सड़कों की मरम्मत की योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। साथ ही, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रियों की सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए पूरी दिल्ली में रोड सेफ्टी ऑडिट कराने की ज़रूरत पर भी बात हुई।उपराज्यपाल ने ज़ोर देकर कहा कि MCD के हर अधिकारी को बेहतर नागरिक सेवाएँ देने के मामले में सतर्क, सक्रिय और जवाबदेह रहना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एक साफ़-सुथरा, सुरक्षित और बेहतर दिल्ली को मज़बूत और लचीला तभी बनाया जा सकता है जब प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जाए और सिविक अधिकारियों में ज़िम्मेदारी की मज़बूत भावना हो।https://x.com/LtGovDelhi/status/2081665434588479913/photo/1