दिल्ली के उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय राजधानी में डीरेगुलेशन (नियमों में ढील) और कंप्लायंस (अनुपालन) में कमी लाने की प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की और सभी विभागों को इस काम को तेज़ी और कुशलता से पूरा करने का निर्देश दिया।
उपराज्यपाल ने कहा कि इस प्रक्रिया के केंद्र में आम नागरिक की सुविधा होनी चाहिए, और हर सुधार का मकसद दिल्ली के लोगों के लिए रोज़मर्रा की ज़िंदगी में असल आसानी लाना होना चाहिए।
उन्होंने कम कागज़ी कार्रवाई, तेज़ी से मंज़ूरी और लोगों के हित में काम करने वाले सिस्टम की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ और ‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ के विज़न से प्रेरित होकर, मकसद एक ऐसी ‘विकसित दिल्ली’ बनाना है जो लोगों को प्राथमिकता दे।