दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि भारत की पहली डिजिटल जनगणना शुरू हो गई है, और इसे देश के विकास के सफर में एक अहम मील का पत्थर बताया।उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी कर ली है, और इसे आसान तथा पूरी तरह से सुरक्षित बताया। सटीक डेटा के महत्व पर ज़ोर देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावी नीति-निर्माण भरोसेमंद आंकड़ों पर निर्भर करता है, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि सरकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें।
उन्होंने आगे कहा कि स्कूलों, आधुनिक अस्पतालों और दिल्ली के बुनियादी ढांचे की बेहतर योजना बनाने के लिए नागरिकों से सही और विस्तृत जानकारी मिलना ज़रूरी है।जनता से अपील करते हुए, उन्होंने निवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया, और कहा कि उनकी भागीदारी दिल्ली और देश के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस बीच, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि उन्होंने भी अपनी स्व-गणना पूरी कर ली है, क्योंकि जनगणना 2027 अभियान आधिकारिक तौर पर दिल्ली नगर निगम के सभी वार्डों में शुरू हो गया है।उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह ‘डिजिटल-फर्स्ट’ पहल नागरिकों को अपने घर का विवरण सीधे जमा करने का अधिकार देती है, जिससे हर निवासी की सटीक गिनती सुनिश्चित होती है।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि समावेशी शासन और एक मज़बूत, विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए भरोसेमंद डेटा ज़रूरी है।उपराज्यपाल ने दिल्ली के निवासियों से स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लेने और जनगणना में सहयोग करने का आग्रह किया, और कहा कि जनता की भागीदारी शहर और राष्ट्र के भविष्य को संवारने में मुख्य भूमिका निभाएगी।https://x.com/LtGovDelhi/status/2050110557316133215/photo/2