नयी दिल्ली, दिल्ली में 2024 में मधुमेह से मौत के मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। दिल्ली सरकार के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। दिल्ली सरकार द्वारा संकलित ‘मृत्यु के कारण का चिकित्सा प्रमाणन’ (एमसीसीडी) रिपोर्ट से पता चलता है कि 2024 में मधुमेह के कारण 2 459 लोगों की मौत दर्ज की गई जो 2023 में मधुमेह से 1 823 लोगों की मौत से अधिक है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पतालों में भी मधुमेह से संबंधित मौत के मामलों में भी इस अवधि के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। रिपोर्ट के अनुसार 2024 में अस्पतालों में मधुमेह से संबंधित 1 703 मौतें हुईं जबकि 2023 में यह संख्या 1 159 थी यानी मधुमेह से मौत के मामलों में 544 की वृद्धि हुई।
बढ़ते मामलों पर अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल में आंतरिक चिकित्सा एवं मधुमेह विशेषज्ञ विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. संचयन रॉय ने कहा ‘‘आज के समय में जीवनशैली जैसे कुछ कारकों में आए गहरे बदलावों के कारण मधुमेह खासकर बच्चों और युवा वयस्कों में तेजी से प्रचलित हो गया है।’’
उन्होंने कहा कि शारीरिक गतिविधियों में कमी लंबे समय तक स्क्रीन का उपयोग अनियमित नींद और फास्ट फूड मीठे पेय पदार्थ और परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट से भरपूर आहार इस बीमारी के मुख्य कारण हैं।
वर्ष 2005 से 2024 तक के आंकड़ों से पता चलता है कि इस अवधि के दौरान दिल्ली में मधुमेह के कारण कुल 42 716 संस्थागत मौत के मामले दर्ज किए गए। मृतकों में 33 640 पुरुष और 19 076 महिलाएं थीं।
उम्र-वार आंकड़ों से पता चलता है कि 45 से 64 वर्ष आयु वर्ग में सबसे अधिक 17 114 मौतें दर्ज की गईं जो कुल मौतों का 40.06 प्रतिशत है। इसके बाद 65 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग का स्थान रहा जिसमें 15 313 मौतें या कुल मौतों का 35.85 प्रतिशत दर्ज किया गया।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 14 वर्ष और उससे कम आयु वर्ग के लोगों में होने वाली मौतों की संख्या 15 से 24 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में होने वाली मौत की संख्या से अधिक थी।
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