दिल्ली विधानसभा की याचिका समिति ने आशा किरण शेल्टर होम में स्टाफ की भारी कमी बताई है। आप विधायक कुलदीप कुमार, जो समिति के अध्यक्ष भी हैं, ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली विधानसभा की याचिका समिति ने शनिवार (3 अगस्त) को आशा किरण शेल्टर होम का दौरा किया था।
शेल्टर होम के अधिकारियों की आज (5 अगस्त) विधानसभा में बैठक हुई। कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा के एलजी कार्यालय से लगातार झूठा बयान जारी किया जा रहा है कि शेल्टर होम के अधिकारियों की नियुक्ति वर्ष 2020 में हुई है। जबकि सच्चाई यह है कि 4 अक्टूबर 2022 को एलजी साहब ने प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति की थी। कुलदीप ने कहा कि एलजी ने आशा किरण शेल्टर होम की जिम्मेदारी एक ऐसे अधिकारी को दी जो रिश्वत के मामले में 5 साल से निलंबित है। कुलदीप ने कहा, “हमें आशा किरण शेल्टर होम के अधिकारियों से जानकारी मिली है कि वहां स्टाफ की भारी कमी है। हमारे मंत्री ने इस संबंध में एलजी साहब को एक पत्र भी लिखा है।
मंत्री ने कई बार दिल्ली के अस्पतालों, मोहल्ला क्लीनिकों और शेल्टर होम में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की भर्ती के लिए कहा है, लेकिन एलजी साहब ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। आशा किरण शेल्टर होम में भी डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मचारी समेत कई पद खाली पड़े हैं। इन पदों को तुरंत भरने के लिए याचिका समिति आज एलजी को पत्र लिखेगी। साथ ही हम एलजी से पूछेंगे कि इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई और वह उन्हें क्यों बचा रहे हैं?”
कुलदीप कुमार ने कहा कि आशा किरण शेल्टर होम में कार्यरत 2 जीडीएमओ और 33 एएनएम का अनुबंध अप्रैल से नहीं बढ़ाया गया है, लेकिन वे अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान उन्हें कोई पैसा नहीं मिला है। याचिका समिति ने दिल्ली के एलजी से इन लोगों का अनुबंध बढ़ाने और उनका लंबित वेतन तुरंत जारी करने का अनुरोध किया और कहा कि वह इस संबंध में भी एलजी को एक पत्र लिखेंगे।
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