दिल्ली विधानसभा ने ‘दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (संशोधन) बिल, 2026’ पास किया है। इसके तहत JJ क्लस्टर (झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों) के लिए कट-ऑफ तारीख को 1 जनवरी 2006 से बढ़ाकर 1 जनवरी 2025 कर दिया गया है, ताकि ज़्यादा परिवारों को पुनर्वास (rehabilitation) का लाभ मिल सके।
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने मॉनसून सत्र के दौरान सदन में विचार के लिए ‘दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (संशोधन) बिल, 2026’ (बिल नंबर 10, 2026) पेश किया। यह बिल 10 अगस्त को विधानसभा में पेश किया गया था और मंगलवार को इस पर चर्चा के बाद इसे पास कर दिया गया।
इस संशोधन का मकसद मौजूदा पात्रता कट-ऑफ तारीख में बदलाव करके राष्ट्रीय राजधानी में झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों के ज़्यादा निवासियों तक पुनर्वास के लाभ पहुँचाना है।सूद ने कहा कि सरकार JJ क्लस्टर्स का ‘इन-सीटू’ (मौजूदा जगह पर ही) पुनर्वास करेगी, जिससे निवासियों को उसी जगह पर बसाया जा सकेगा और वे अपने काम-धंधे और रोज़गार की जगहों के करीब रह सकेंगे।उन्होंने कहा कि कट-ऑफ तारीख को 1 जनवरी 2025 करने से JJ क्लस्टर्स में रहने वाले ज़्यादा परिवार पुनर्वास के दायरे में आ सकेंगे।
सूद के अनुसार, सरकार विकास के एक इंटीग्रेटेड मॉडल (एकीकृत मॉडल) को अपनाना चाहती है, जिसके तहत निवासियों की रोज़ी-रोटी की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास का काम किया जाएगा।शहरी विकास मंत्री ने कहा कि यह संशोधन झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले ज़्यादा लोगों तक पुनर्वास के लाभ पहुँचाने और परिवारों को सम्मानजनक आवास और बेहतर भविष्य दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।https://x.com/DelhiAssembly/status/2087128043513082230/photo/3