दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने राशन वितरण सिस्टम का एक व्यापक ऑडिट किया और रिकॉर्ड से नकली, डुप्लीकेट और इनएक्टिव लाभार्थियों को हटा दिया।मुख्यमंत्री के अनुसार, सिस्टम में कई नाम गलत तरीके से जोड़ दिए गए थे, जबकि कुछ एंट्री डुप्लीकेट थीं और कई लाभार्थी लंबे समय से राशन नहीं ले रहे थे।
सरकार ने बताया कि लगभग 1.44 लाख लाभार्थी आय पात्रता मानदंडों से ऊपर पाए गए, जबकि लगभग 35,800 लोगों ने एक साल से अधिक समय से राशन नहीं लिया था। रिकॉर्ड में मृत व्यक्तियों के हजारों नाम और कई डुप्लीकेट एंट्री भी कथित तौर पर पाई गईं।गुप्ता ने कहा कि यह कवायद सार्वजनिक वितरण सिस्टम में अनियमितताओं को खत्म करने और यह सुनिश्चित करने के लिए की गई थी कि राशन का लाभ केवल असली लाभार्थियों तक ही पहुंचे।
दिल्ली सरकार के अनुसार, ऐसी एंट्री को हटाने से नए राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए 7.71 लाख से अधिक रिक्तियां पैदा हुई हैं।दिल्ली सरकार ने बड़े पैमाने पर नए राशन कार्ड जारी करना भी शुरू कर दिया है। गुप्ता ने कहा कि आवेदन प्रक्रिया को दिल्ली सरकार के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से आसान, पारदर्शी और पूरी तरह से डिजिटल बना दिया गया है, जबकि निवासी पास के सुविधा केंद्रों के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं।