रांची, झारखंड के दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज के बीटेक अंतिम वर्ष के पांच छात्रों द्वारा पानी की सफाई के लिए विकसित एक स्वचालित रोबोट को 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेले के दौरान बासुकीनाथ धाम स्थित शिव गंगा तालाब की सफाई के लिए तैनात किया जाएगा।
अधिकारियों ने शनिवार को यहां बताया कि इस रोबोट का नाम नेचर्स रिवाइवल बॉट – ऑटोनोमस वॉटर क्लीनिंग रोबोट है जोकि पहली बार तालाब की सफाई करेगा। दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर पंकज सरकार ने पीटीआई-भाषा को बताया कि यह रोबोट तालाब की सतह पर तैर रहे कचरे को हटाने के लिए बनाया गया है। इसमें मोटर से चलने वाली कन्वेयर बेल्ट प्रणाली है जो जालीदार डिब्बे में कचरा जमा करती है।
परियोजना टीम के सदस्य कौशल कुमार जिन्हें पुणे की एक निजी कंपनी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के पद पर नियुक्ति मिली है ने बताया कि इस रोबोट में तीन अलग-अलग प्रकार की मोटरें और एक फोटोइलेक्ट्रिक सेंसर लगाया गया है। यह सेंसर रोबोट को किसी कठोर सतह या रास्ते में आने वाली बाधा से टकराने से रोकने में मदद करता है। यह रोबोट प्रति मिनट करीब आठ वर्ग फुट क्षेत्र की सफाई करने के साथ एक किलोमीटर के दायरे में काम कर सकता है। इसके कचरा जमा करने वाले डिब्बे में तीन से चार क्विंटल तक कचरा आ सकता है।
उन्होंने बताया कि यह रोबोट पूरी तरह बैटरी से चलता है तथा इसे दूर से नियंत्रित किया जा सकता है और जब इसका कचरा जमा करने वाला डिब्बा भर जाता है तो उसे हाथ से खाली करना पड़ता है। दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने बताया कि शिव गंगा तालाब को साफ रखने के लिए रोबोट तैनात किया गया है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common