जयपुर, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि आज के वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में विश्वविद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बागडे ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार है। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय स्वदेशी सोच और नवाचार को बढ़ावा दें तो भारत वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकता है।
राज्यपाल बागडे उदयपुर में एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयु) की वेस्ट जोन वाइस चांसलर मीट 2025-26 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। जारी एक बयान के अनुसार इस दो दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस में राजस्थान मध्य प्रदेश गुजरात महाराष्ट्र आदि राज्यों के विश्वविद्यालयों के कुलगुरु (वाइस चांसलर) भाग ले रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि तकनीकी राष्ट्रवाद और आर्थिक देशभक्ति जैसे विचार केवल नारे नहीं बल्कि व्यवहार में उतारे जाने वाले संकल्प हैं।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से आह्वान किया कि वे शोध नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार सृजन की दिशा में सक्षम बनाएं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप भारतीय मूल्यों और आधुनिक तकनीक का समन्वय ही आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार कर सकता है।
बयान के अनुसार बागडे ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं के लिए केंद्र बिन्दु सिर्फ विद्यार्थी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी को धूरी पर रखते हुए ही योजनाएं और कार्यक्रम तय होने चाहिए तभी विद्यार्थी की बौद्धिक क्षमताओं का विकास होगा। क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common