देश भर के शहरी निकायों को कचरे से कमाई के गुर सिखाएगा आईआईएम  इंदौर

इंदौर (मध्यप्रदेश), इंदौर का भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) देश भर के शहरी निकायों के कर्ता-धर्ताओं को अपशिष्ट के निपटारे के साथ ही कचरे से कमाई के गुर सिखाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए संस्थान ने मंगलवार को एक उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया। आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने ‘‘अन्वेषण’’ के नाम से शुरू किए गए इस केंद्र की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने इस मौके पर कहा,‘‘हम इस केंद्र के जरिये स्वच्छता, शहरी अपशिष्ट के निपटारे, कचरे के प्रसंस्करण से कमाई और जल से जुड़े विषयों में देश भर के महापौरों, पार्षदों और नीति-निर्माताओं को प्रशिक्षित करेंगे ताकि उनकी क्षमताएं बढ़ाई जा सकें।’’

            आईआईएम के एक अधिकारी ने बताया कि ‘‘अन्वेषण’’ की पहली बैच 31 जुलाई से शुरू होनी है जिसके तहत देश के 25 शहरों के नगर निगम आयुक्तों को चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को इंदौर नगर निगम के अधिकारियों के साथ चर्चा और देश के सबसे स्वच्छ शहर के अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्रों के दौरे का मौका भी मिलेगा। अधिकारी ने बताया कि आईआईएम इंदौर के उत्कृष्टता केंद्र ने डेनवर विश्वविद्यालय, रटगर्स विश्वविद्यालय, ग्लासगो विश्वविद्यालय, लिवरपूल विश्वविद्यालय और बोकोनी विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी की है ताकि वैश्विक विशेषज्ञों के अनुभवों का लाभ लिया जा सके। 

            उन्होंने बताया कि केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने वर्ष 2022 में आईआईएम इंदौर को यह उत्कृष्टता केंद्र खोलने के लिए 19.95 करोड़ रुपये का अनुदान दिया था।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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