मदुरै (तमिलनाडु), द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता आर. एस. राजाकन्नप्पन ने कांग्रेस के साथ पार्टी के गठबंधन को लेकर दृढ़ आत्मनिर्भर रुख का संकेत देते हुए कहा कि द्रमुक अपनी राजनीतिक गतिविधियां गठबंधन पर निर्भर होकर नहीं चला सकता।
वन एवं खादी मंत्री राजाकन्नप्पन ने बुधवार को यहां एक कार्यक्रम में कहा कि गठबंधन संबंधी मामलों पर मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन निर्णय लेंगे लेकिन पार्टी का रुख स्पष्ट है—“वे आएं तो आएं जाएं तो जाएं।”राजाकन्नप्पन ने द्रविड़ आंदोलन के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी की सफलता अन्य राजनीतिक दलों पर निर्भरता के बजाय जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों पर आधारित है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी तमिलनाडु में अपनी जड़ें नहीं जमा सकती। उन्होंने यह भी दावा किया कि अन्नाद्रमुक अब “समाप्त हो चुकी ताकत” है।
उन्होंने कहा “वे कुन्नाकुडी में ‘अन्नकावड़ी’ (पारंपरिक चढ़ावा) भी चढ़ा लें तब भी भाजपा यहां पैर नहीं जमा सकती। अन्नाद्रमुक कभी थी लेकिन एमजीआर और जयललिता के साथ ही उसका अंत हो गया।”
द्रविड़ आंदोलन की शुरुआत का जिक्र करते हुए राजाकन्नप्पन ने कहा कि सी. एन. अन्नादुरै ने रॉबिन्सन पार्क में बारिश के बीच इस आंदोलन की स्थापना की थी जिसका उद्देश्य जमींदारों और उद्योगपतियों जैसे प्रभावशाली वर्गों की सत्ता को चुनौती देना था। उन्होंने दावा किया कि अन्नाद्रमुक के कई कार्यकर्ता द्रमुक में शामिल हो चुके हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common