द्रमुक ने केंद्र के खिलाफ ‘हलवा’ अभियान शुरू किया, बजट में तमिलनाडु की अनदेखी का आरोप लगाया

चेन्नई, तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने हाल में पेश केंद्रीय बजट में राज्य की कथित उपेक्षा के विरोध में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से ‘हलवा अभियान’ शुरू किया है।

इस अभियान के तहत द्रमुक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने ‘हलवा’ वितरित किया। तमिल बोलचाल में हालांकि ‘हलवा’ का अर्थ ठगा जाना या बेवकूफ बनाया जाना होता है। पार्टी का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य यह उजागर करना है कि केंद्र ने राज्य की विकास आवश्यकताओं और वित्तीय जरूरतों को नजरअंदाज किया है। प्रदर्शन के तहत आयोजित एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए द्रमुक के वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत केंद्र सरकार पर तमिलनाडु के लोगों के साथ “विश्वासघात” करने का आरोप लगाया।

प्रदर्शन के दौरान पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा “केंद्रीय बजट स्पष्ट रूप से विश्वासघात है। वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री दोनों ने आवंटन के मामले में तमिलनाडु को पूरी तरह नजरअंदाज किया है। राज्य को कुछ भी न देकर उन्होंने तमिलनाडु के सात करोड़ लोगों को ‘हलवा’ दिया है।” द्रमुक ने आरोप लगाया कि बाढ़ राहत कोष और प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद आम बजट में राज्य के लिए किसी भी महत्वपूर्ण योजना या वित्तीय प्रावधान की घोषणा नहीं की गई।

राजनीतिक परिणामों की चेतावनी देते हुए द्रमुक नेताओं ने कहा कि यह “अनदेखी” आगामी चुनावी मुकाबलों में दिखाई देगी। एक नेता ने कहा “तमिलनाडु की जनता सब देख रही है। जो भाजपा लगातार हमारे राज्य के अधिकारों और जरूरतों की अनदेखी करती रही है वह यहां एक भी सीट नहीं जीत पाएगी।”क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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