तिरुवनंतपुरम, केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने कहा है कि पूरा राज्य धर्मनिरपेक्ष है और उनकी सरकार धार्मिक नेताओं के सांप्रदायिक एवं महिला विरोधी बयानों का कड़ा विरोध करेगी चाहे वे किसी भी धर्म से संबंधित हों।
मुख्यमंत्री ने राज्य में कुछ राजनीतिक एवं धार्मिक नेताओं की ओर से की गई सांप्रदायिक टिप्पणियों के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की। इनमें सुन्नी मुस्लिम विद्वान कंथापुरम ए. पी. अबूबकर मुसलियार का वह बयान भी शामिल है जिसमें उन्होंने महिलाओं को घर पर रहने की सलाह दी थी।
महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर दिए गए इस बयान की आलोचना हुई थी। सतीशन ने यहां ‘पीटीआई वीडियो’ से एक साक्षात्कार में कहा ‘‘जब हम विपक्ष में थे तब भी हमारा यही दृढ़ एवं धर्मनिरपेक्ष रुख था और आज भी है कि किसी को सांप्रदायिक बातें नहीं करनी चाहिए।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक और धार्मिक नेता केरलम को सांप्रदायिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘हम इसकी अनुमति नहीं देंगे। हम इसकी कतई अनुमति नहीं देंगे।’’ सतीशन ने महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर रूढ़िवादी विचारों का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को घर पर रहने की सलाह देने के अबूबकर के बयान का उन्होंने पुरजोर विरोध किया था।
उन्होंने कहा ‘‘यह प्रगतिशील नहीं बल्कि रूढ़िवादी सोच है। महिलाएं स्वतंत्र हैं। यह उनकी स्वतंत्रता के खिलाफ है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे बयानों का विरोध करेगी चाहे उन्हें देने वाला व्यक्ति किसी भी धर्म से संबंधित हो।
उन्होंने कहा ‘‘अगर कोई भी धार्मिक नेता इस तरह का बयान देता है तो हम उसका विरोध करेंगे।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार का यह रुख मुस्लिम और हिंदू दोनों धर्मों के धार्मिक नेताओं पर समान रूप से लागू होगा सतीशन ने कहा कि उनकी सरकार कोई भेदभाव नहीं करेगी।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common