निर्वाचन आयोग संबंधी चिंताओं के समाधान के लिए संवाद जरूरी है,विरोध-प्रदर्शन नहीं:चिराग पासवान

लखनऊ,  केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर चिंतित राजनीतिक दलों को निर्वाचन आयोग से संवाद करना चाहिए और रोजाना विरोध-प्रदर्शन करने के बजाय वार्ता करके जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाधान केवल चर्चा से ही मिल सकता है।

           लखनऊ में अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित शोकसभा से इतर पत्रकारों से बातचीत में पासवान ने कहा कि हर पार्टी को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का लोकतांत्रिक अधिकार है  लेकिन उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि विपक्ष अपनी चिंताओं का समाधान चाहता है या महज ‘हंगामा खड़ा करने’ में रुचि रखता है।

          उन्होंने कहा  ‘‘निर्वाचन आयोग (ईसी) एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। आपको उससे संपर्क करने  समय मांगने  प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलने और अपने सवाल उसके समक्ष रखने की पूरी स्वतंत्रता है।’’

           उन्होंने कहा कि रोजाना प्रदर्शन करने के बजाय आयोग से संवाद कर जवाब मांगा जाना चाहिए। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख ने कहा  ‘‘अगर आप संतुष्ट नहीं हैं तो दोबारा संवाददाता सम्मेलन कर सकते हैं या प्रदर्शन कर सकते हैं। लेकिन दिन प्रतिदिन प्रदर्शन करना  दिल्ली की सड़कों पर लेटना और नागरिकों को परेशानी में डालना दिखाता है कि आप समाधान नहीं चाहते।’’

            चिराग ने कहा कि उन्होंने भी चुनावी प्रक्रिया को लेकर चिंताएं जताई थीं और चुनाव आयोग से आग्रह किया था कि वह यह सुनिश्चित करे कि किसी भी नागरिक के मन में (खासकर भारत जैसे बड़े देश में) चुनावी प्रणाली को लेकर कोई संदेह न रहे।

          उन्होंने कहा ‘‘मुझे निर्वाचन आयोग की आंतरिक बैठकों की जानकारी नहीं है  इसलिए मुझे नहीं पता कि जो सवाल उठाए जा रहे हैं  वे सही हैं या गलत।’’

            उन्होंने निर्वाचन आयोग से जुड़ी एक खबर का ज़िक्र करते हुए कहा  ‘‘लेकिन आयोग ने सवालों के बिंदुवार जवाब दिए हैं।’’

          उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष के मन में अभी भी कोई सवाल है  तो उन्हें निर्वाचन आयोग से मिलने का समय लेना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि आयोग उनकी चिंताओं का जवाब जरूर देगा।

          जब उनसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) की योजनाओं और राजग के साथ सीट-बंटवारे पर बातचीत शुरू होने के बारे में पूछा गया  तो चिराग ने कहा कि उनकी पार्टी सभी 403 सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।

          उन्होंने कहा  ‘‘मैं सभी 403 सीट के लिए तैयारी करूंगा। मैं एक ऐसी पार्टी से आता हूं जो लंबे समय से गठबंधन की राजनीति का हिस्सा रही है। मेरे नेता (राम विलास पासवान) ने छह प्रधानमंत्रियों के साथ सहयोगी के तौर पर काम किया है।’’

          उन्होंने अपने पिता के वी.पी. सिंह  एच.डी. देवगौड़ा  आई.के. गुजराल  अटल बिहारी वाजपेयी  मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी की सरकारों के साथ जुड़े रहने का दावा किया।

            समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के इस दावे पर कि सपा अपने ‘पीडीए’ फॉर्मूले के आधार पर 2027 में सरकार बनाएगी  चिराग ने कहा कि वह वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के किसी भी प्रयास का स्वागत करते हैं।

          हालांकि  उन्होंने राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा के रवैये पर सवाल उठाए और कहा कि पार्टी को अपने कामों से पीडीए के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखानी चाहिए।

          ‘इंडिया’ गठबंधन के बारे में चिराग ने कहा कि इस गठबंधन में कई महत्वाकांक्षी पार्टियां और नेता शामिल हैं जो एक-दूसरे को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते।

          उन्होंने कहा कि यह समूह लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान एकजुटता बनाए रखने में बार-बार विफल रहा है।

           राहुल गांधी के इस बयान पर कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा  चिराग ने कहा कि विपक्ष को कम से कम उस व्यक्ति से तो मिलना चाहिए जिसके खिलाफ उन्हें शिकायतें हैं।

          उन्होंने कहा  ‘‘समय मांगिए। मुझे भरोसा है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त न केवल आपको समय देंगे  बल्कि आपकी चिंताओं को दूर करने की कोशिश भी करेंगे।’’

          उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि उत्तर प्रदेश में एक पार्क की पहचान की जाएगी  जहां राम विलास पासवान की एक भव्य प्रतिमा लगाई जाएगी और उनकी याद में हर साल एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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