सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी लगभग दूर: केरलम स्वास्थ्य मंत्री

पलक्कड़ (केरलम), केरलम के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी की समस्या लगभग पूरी तरह दूर हो गई है और उस मामले में चिकित्सीय लापरवाही के आरोपों को खारिज कर दिया  जिसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे।

           मुरलीधरन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि विरोध प्रदर्शनों के लिए शुरू में दवाओं की अनुपलब्धता को वजह बताया गया था  लेकिन दवाओं की आपूर्ति शुरू होने के बाद चिकित्सीय लापरवाही के आरोप लगाए गए।

           उन्होंने कहा  ‘‘अब  जब दवाएं पहुंचने लगीं  तो उन्होंने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया। हालांकि  कथित चिकित्सकीय लापरवाही की जांच की गई तो पता चला कि संबंधित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती ही नहीं किया गया था।’’

           कन्नूर में हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि पद संभालने के बाद से उन्होंने परियारम मेडिकल कॉलेज से किसी भी डॉक्टर को नहीं हटाया है और पिछली पिनराई विजयन सरकार के दौरान नियुक्त डॉक्टर और कर्मचारी अब भी वहां काम कर रहे हैं।

           उन्होंने कहा  ‘‘वे जो भी हैं  अपना काम अच्छी तरह कर रहे हैं।’’

           मुरलीधरन ने कहा कि विधानसभा सत्र से पहले विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और सदन में स्थगन प्रस्ताव लाए जाने की संभावना है।

           उन्होंने कहा  ‘‘मेरे पास उस दिन जवाब देने के लिए सभी जरूरी विवरण और साक्ष्य तैयार हैं।’’

           दवाओं की कमी के बारे में मंत्री ने कहा कि स्थिति लगभग पूरी तरह सामान्य हो गई है।

           उन्होंने कहा  ‘‘हीमोफीलिया की दवा कल केरलम पहुंच गई। हीमोफीलिया की एक अन्य दवा अभी देश में उपलब्ध नहीं है।’’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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