न्यायालय ने जीएमआर को नागपुर हवाईअड्डे के उन्नयन आदेश को रद्द करने के फैसले को खारिज किया

नागपुर, बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक संयुक्त उद्यम कंपनी द्वारा मार्च, 2020 में जारी उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें जीएमआर एयरपोर्ट्स को नागपुर के बाबा साहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के अद्यतन और परिचालन के लिए मिले कार्य को निरस्त कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने इस आदेश को मनमाना और अनुचित करार दिया है।

न्यायमूर्ति सुनील शुक्र तथा न्यायमूर्ति अनिल किलोर की उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने कहा कि मिहान इंडिया लि. द्वारा जीएमआर एयरपोर्ट्स लि. को जारी किया गया यह आदेश रद्द और खारिज करने योग्य है। मिहान इंडिया लिमिटेड महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण का संयुक्त उद्यम है।

पीठ ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि यह आदेश मनमाना, अनुचित और अकारण था, इसलिए इसे रद्द किया जाता है। पीठ ने कहा कि कानून की निगाह में यह आदेश टिकने योग्य नहीं है।

अदालत ने मिहान को यह आदेश भी दिया कि जीएमआर समूह के साथ छह सप्ताह में नया रियायती समझौता करे।

अदालत का यह आदेश जीएमआर एयरपोट्र्स द्वारा मिहाल की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर आया है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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